फजीहत के 8 दिन, उस पर भी कोताही:बिना आरसीसी का बेस तैयार किए डाल दिए सीमेंट के पाइप, गड्‌ढा भी कीचड़ से भर रहे

बुरहानपुर14 दिन पहले
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नाले में पाइप डालकर गड्ढे को कीचड़ से ही भरा जा रहा है - Dainik Bhaskar
नाले में पाइप डालकर गड्ढे को कीचड़ से ही भरा जा रहा है

इंदौर-इच्छापुर हाइवे पर धंसी पुलिया की मरम्मत में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। खुदाई के बाद यहां नाले से निकासी दोबारा शुरू करने के लिए सीमेंट के पाइप डाले हैं, लेकिन इसके नीचे मजबूत बेस तैयार नहीं किया है। जानकारों ने बताया आरसीसी के बेस की जगह रेत सीमेंट मिलाकर नीचे भर दिया गया है। इसके ऊपर भी कीचड़ डालकर गड‌ढा भर रहे हैं। यह मरम्मत के नाम पर दिखावा है। ऐसा ही काम हुआ तो आने वाले कुछ महीनों में पुलिया फिर धंस जाएगी।

15 सितंबर से मरम्मत के लिए पुलिया के एक ओर खुदाई का काम शुरू हुआ था। लेकिन लगातार बारिश के कारण काम बार-बार रोकना पड़ा। पोकलेन मशीन से खुदाई कर करीब 25 फीट गहराई तक मिट्‌टी खोदकर पाइप निकाले गए थे। पुराने पाइप पूरी तरह टूट गए थे। तीन दिन तक खुदाई का काम पूरा कर रविवार से नाले में सीमेंट के पाइप डालने का काम शुरू हुआ। लेकिन इसमें भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरसीसी का बेस तैयार करने के बजाय रविवार सुबह यहां रेत सीमेंट मिलाकर डाला गया और कुछ घंटों बाद ही इस पर पाइप जमाना शुरू कर दिया। जबकि बेस तैयार करने और इसे सूखने में समय लगता है। पाइप डालने के तुरंत बाद ही गड्ढों को भरना शुरू हो गया।

मिट्टी की जगह कीचड़ डालकर ही गड्ढा भरा जा रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण गड्‌ढे से निकाली गई मिट्‌टी पूरी तरह कीचड़ बन गई है। पानी से सनी इसी मिट्‌टी को डालकर गड्ढे को भरने का काम चल रहा है। इससे जमीन कितनी मजबूत होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध भी शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कुछ साल पहले भी इसी तरह लापरवाही से काम हुआ था। इस कारण पुलिया की जमीन धंस गई। इस बार भी यही स्थिति बन रही है।

बेस कमजोर है और कीचड़ से गड्‌ढा भरने से मिट्‌टी के दोबारा धंसने का खतरा रहेगा। लोगों का कहना है यहां पुलिया मजबूती के साथ बनाना जरूरी है। मरम्मत का यह काम दो से तीन दिन तक ओर चल सकता है। इस दौरान हाईवे से आवाजाही बंद रहेगी।

इधर... भीतरी हिस्सों में ट्रैफिक बढ़ने से लोग परेशान
हाईवे पर शनवारा से शिकारपुरा रोड पर वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। इस कारण इस रास्ते से जाने वाले वाहन अब गलियों और शहर के बीच से होकर गुजर रहे हैं। यहां ट्रैफिक काफी ज्यादा हो गया है। संकरे रास्ते और गलियों से भी लोग बड़े वाहन निकाल रहे हैं। यहां से ऑटो,ऐपे, लोडिंग वाहन सहित अन्य वाहन सुबह से लेकर देर रात तक गुजर रहे हैं। ऐसे में यहां जाम लग रहा है। इस कारण लोग परेशान हो रहे हैं। उन्होंने मरम्मत का काम जल्द पूरा कर हाईवे से आवाजाही शुरू करने की मांग की है।

सिंधीबस्ती-रेणुका माता मंदिर रोड पर बढ़ा यातायात,भारी वाहनों से रोड बदहाल

11 सितंबर को पुलिया धसने के बाद हाइवे से भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। ये सभी वाहन अब गणपति नाका से सिंधीबस्ती और रेणुका माता मंदिर रोड होकर गुजर रहे हैं। यहां यातायात का दबाव बढ़ने से सड़क उखड़ने लगी है। रास्ते पर सैकड़ों गड्‌ढे हो गए हैं। वहीं कई बार जाम लग रहा है। रात में तो भारी वाहनों की आवाजाही और ज्यादा हो रही है। लंबी दूरी पर चलने वाले भारी माल वाहक वाहन ज्यादातर रात के समय ही सफर करते हैं। इस कारण शाम 6 बजे बाद से यहां ट्रैफिक बढ़ रहा है। रात 11 बजे तक आमजन की भी इस रोड से आवाजाही रहती है। भारी वाहनों के गुजरने से हर समय हादसे का खतरा है।

रोज 20 हजार से ज्यादा वाहनों की आवाजाही
लोगों ने मरम्मत को लेकर जो सवाल उठाए हैं,वो काफी हद तक सही भी हैं। भले ही यह रास्ता शहर के भीतर से जाता है,लेकिन यह हाईवे का हिस्सा है और यहां से हर दिन 20 हजार से ज्यादा वाहनों की आवाजाही है। इनमें ज्यादातर भारी मालवाहक वाहन हैं। इन वाहनों के गुजरने से जमीन धंसने का ज्यादा डर रहता है। नाले के हिस्से को भरने में लापरवाही बरती गई तो पहले की तरह यह फिर धंस जाएगा। ऐसे में बड़ा हादसा भी हो सकता है। लोगों ने कहा जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देना जरूरी है।

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