अवैध संबंध के शक में डॉक्टर पति को दिया जहर:डॉक्टर को करंट लगाकर मारने वाली प्रोफेसर पत्नी को उम्रकैद, छतरपुर के बहुचर्चित हत्याकांड में फैसला

छतरपुर5 महीने पहले

मध्यप्रदेश के छतरपुर के बहुचर्चित मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नीरज पाठक हत्याकांड में आरोपी प्रोफेसर पत्नी ममता पाठक को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है। बुधवार को तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार देवलिया ने इस हत्याकांड में फैसला सुनाया। अवैध संबंधों के शक के चलते पत्नी ने डॉक्टर पति को पहले जहर दिया, फिर सोते समय करंट लगाकर मार डाला।

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि 1 मई 2021 को ममता पाठक ने थाना सिविल लाइन को सूचना दी थी। उन्होंने बताया था कि पति डॉ. नीरज पाठक 29 अप्रैल 2021 को ऊपर वाले कमरे में लेटे थे। रात करीब 9 बजे वह उन्हें खाना खाने के लिए कमरे में बुलाने पहुंची। पति पलंग पर लेटे थे, लेकिन उनकी बातों पर कोई रिप्लाई नहीं कर रहे थे। मैंने पास जाकर देखा तो वे मृत पड़े थे। उन्हें 7-8 दिन से बुखार आ रहा था। मुझे और मेरे बेटे को भी बुखार आ रहा था, इस कारण मैं 30 अप्रैल 2021 को सुबह बेटे नितीश के साथ इलाज कराने झांसी चली गई थी, रात को लौटी और फिर पुलिस को सूचना दी। पोस्टमार्टम में डॉक्टर की मौत करंट लगने से होना पाया गया। जांच में पता चला कि पत्नी डॉक्टर को प्रताड़ित किया करती थी। पत्नी से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने करंट लगाकर मारने की बात कबूल ली। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

डॉक्टर दंपती में पिछले 20 साल से विवाद चल रहा था।
डॉक्टर दंपती में पिछले 20 साल से विवाद चल रहा था।

पत्नी ने ऐसे की थी हत्या
आरोपी प्रोफेसर ममता पाठक ने पूछताछ में बताया था कि मैंने पति को खाने में नींद की गोलियां मिलाकर खिला दी। खाना खाने के बाद वह गहरी नींद में सो गए। इसके बाद एक्सटेंशन बोर्ड ले जाकर करंट लगाकर हत्या कर दी। मौत होने के बाद पति का शव दो दिन तक बेडरूम में ही रखा। मैंने एक वीडियो देखा था, जिसमें बताया गया था कि खाने में जहर देने के बाद यदि दो दिनों तक शव को रखा रहने दिया जाए तो पोस्टमार्टम में जहर से मौत की बात नहीं आती है, इसलिए 29 अप्रैल को पति की हत्या कर शव को घर में रखा, ताकि नींद की गोलियां खिलाने के साक्ष्य नहीं मिल पाएं।

छतरपुर सिविल लाइन थाना प्रभारी जगतपाल सिंह ने बताया था कि लोकनाथपुरम निवासी डॉ. नीरज पाठक की हत्या के मामले में उनकी ही पत्नी ममता पाठक को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पत्नी पर संदेह हुआ और पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल लिया। साथ ही आरोपी के कब्जे से करंट लगाने में उपयोग किया गया एक्सटेंशन बोर्ड और बची हुई नींद की गोलियां भी बरामद कर ली गई थी।

दंपती में 20 साल से चल रहा था विवाद
डॉक्टर नीरज पाठक और उनकी प्रोफेसर पत्नी ममता पाठक में पिछले 20 साल से विवाद चल रहा था। प्रोफेसर पत्नी को शक था कि उनके डॉक्टर पति के किसी अन्य महिला से संबंध हैं। इसलिए वे रात के समय उसे नींद का इंजेक्शन देकर सुला देते थे, जबकि डॉक्टर का तर्क था कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब रहने से उसे नींद नहीं आती, इसलिए इंजेक्शन देकर सुला देता हूं। इसी विवाद के चलते बीते कई सालों में ममता पाठक ने संबंधित थाना, छतरपुर एसपी, सागर आईजी, भोपाल में डीजीपी तक से शिकायत करते हुए डॉ. नीरज पाठक पर अन्य महिला से संबंध रखने का मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की शिकायत की, लेकिन जांच के दौरान मामला बेबुनियाद पाया गया था।

डॉ. नीरज पाठक ने दो साल पहले वीआरएस ले लिया था।
डॉ. नीरज पाठक ने दो साल पहले वीआरएस ले लिया था।

दो साल पहले डॉक्टर ने लिया था VRS
जिला अस्पताल में मेडिसिन विशेषज्ञ के रूप में पदस्थ डॉ. नीरज पाठक अपनी प्रोफेसर पत्नी से विवाद के कारण परेशान रहते थे। दो साल पहले उन्होंने वीआरएस ले लिया था। इसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल आना बंद कर दिया था, पर घर पर मरीजों का इलाज करते थे। डॉ. पाठक 28 अप्रैल को शिकायत करने थाने गए थे, उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे पर मोबाइल छीनने का आरोप लगाया था।

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