टॉयलेट बनवाने पर 65 साल के दिव्यांग के हाथ-पैर तोड़े:छतरपुर में चचेरे भाइयों ने डंडे से पीटा; टॉयलेट को भी तहस-नहस कर दिया

छतरपुर2 महीने पहले

फिल्म 'टॉयलेट- एक प्रेम कथा' में अक्षय कुमार टॉयलेट बनवाने के लिए सभी से दुश्मनी मोल ले लेते हैं। छतरपुर में भी रविवार को कुछ ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां टॉयलेट बनवा रहा 65 साल का एक दिव्यांग अपने ही परिवार का दुश्मन बन गया। टॉयलेट न बनवाने की बात नहीं मानने पर परिवार ने उसके हाथ-पैर तोड़ दिए । उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

खबर आगे पढ़ने से पहले आप इस पोल पर राय दे सकते हैं...

मामला मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के खोंप गांव के बड़े पुरवा का है। तिजवा कुशवाहा को टॉयलेट बनवाने की सजा मिली है। परिवारवालों ने पहले तो उसे खूब पीटा, फिर उसके बनवाए टॉयलेट को भी तोड़ दिया। पीड़ित का कहना है कि अब तक वह और उसका पूरा परिवार शौच के लिए खुले में जाता रहा है।

दिव्यांग होने के कारण उसे टॉयलेट की जरूरत महसूस हो रही थी। बहू-बेटियों को भी परेशानी होती है। खासकर बारिश के सीजन में ज्यादा परेशानी आती है। खुले में जाने के कारण जंगली जानवरों का भी खतरा बना रहता है। गांव के एक-दो लोग हादसों का शिकार भी हो गए हैं। इसीलिए उसने टॉयलेट बनवाया था।

SI मार्कंडेय मिश्रा का कहना है कि पीड़ित के बयान ले लिए गए हैं। दिव्यांग की मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद धाराएं बढ़ाई जाएंगी। उसने चचेरे भाइयों पर मारपीट का आरोप लगाया है।
SI मार्कंडेय मिश्रा का कहना है कि पीड़ित के बयान ले लिए गए हैं। दिव्यांग की मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद धाराएं बढ़ाई जाएंगी। उसने चचेरे भाइयों पर मारपीट का आरोप लगाया है।

टॉयलेट बनाने पर लाठी-डंडों से मारा

तिजवा ने बताया, मकान बनवाने के समय ही उसने सेप्टिक टैंक बनवा लिया था। बाद में कुछ और रुपए जुड़ने पर उसने 25-30 हजार रुपए खर्च कर सामान मंगवाया और आगे का काम शुरू करवाया। घर में टॉयलेट बन रहा है, यह बात मेरे चचेरे भाइयों को रास नहीं आई। उन्होंने ये कहते हुए विरोध किया कि हमारी दीवार से सटाकर टॉयलेट खड़ा मत करो। मैंने काम बंद नहीं करवाया तो रविवार शाम मगन और दयाराम कुछ अन्य लोगों के साथ आए और लाठी-डंडे से हमला कर दिया।

घायल की पत्नी पूनाबाई ने बताया, इनके चचेरे भाई कह रहे थे कि यहां टॉयलेट मत बनाओ। मैंने कहा कि ये दिव्यांग हैं। बहू-बेटियां भी खुले में जाती हैं। हमें टॉयलेट बना लेने दो। रविवार को ये सरिया काट रहे थे, तभी वो लोग डंडा लेकर आए और पीछे से हमला कर दिया। उन्होंने इतना मारा कि इनका हाथ 3 जगह से टूट गया। पैरों में भी चोट आई है।

दिव्यांग अपने घर के बगल में टॉयलेट बनवा रहा था। सेप्टिक टैंक के ऊपर दीवार खड़ी की जा रही थी। इससे उसके चचेरे भाई नाराज हो गए। उन्होंने टॉयलेट की दीवारों को गिरा दिया।
दिव्यांग अपने घर के बगल में टॉयलेट बनवा रहा था। सेप्टिक टैंक के ऊपर दीवार खड़ी की जा रही थी। इससे उसके चचेरे भाई नाराज हो गए। उन्होंने टॉयलेट की दीवारों को गिरा दिया।

मिस्त्री को भगाया तो खुद सरिया काटने बैठ गया

गढ़ीमलहरा थाना SI मार्कंडेय मिश्रा का कहना है कि पहले से सेप्टिक टैंक बना था। फिलहाल ये लोग उसमें आगे का निर्माण करवा रहे थे। मिस्त्री को काम पर लगाकर तिजवा निवाड़ी गया हुआ था। मौका पाकर आरोपियों ने मिस्त्री को भगा दिया था। तिजवा घर आया तो मिस्त्री को नहीं पाकर खुद ही सरिया काटने बैठ गया। इसी दौरान उस पर हमला हुआ। बयानों के आधार पर जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट आने पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी।

दिव्यांग के चचेरे भाइयों ने एक दिन मिस्त्री को धमकाकर भगा दिया। इसके बाद टॉयलेट का काम बंद हो गया। वह खुद काम कर रहा था, तभी उस पर पीछे से हमला कर दिया।
दिव्यांग के चचेरे भाइयों ने एक दिन मिस्त्री को धमकाकर भगा दिया। इसके बाद टॉयलेट का काम बंद हो गया। वह खुद काम कर रहा था, तभी उस पर पीछे से हमला कर दिया।
खबरें और भी हैं...