रेप पीड़िता की बेल्ट-लातों से पिटाई, रातभर थाने में रखा:छतरपुर में पुलिस की पिटाई से बेहोश हुई नाबालिग, मां ने सुनाई आपबीती

छतरपुर (मध्यप्रदेश)5 महीने पहले

मध्यप्रदेश में छतरपुर पुलिस पर एक 13 साल की रेप पीड़िता से बर्बरता के आरोप लगे हैं। दलित लड़की अपनी किडनैपिंग और रेप की शिकायत दर्ज कराने मां के साथ कोतवाली थाने गई थी। उसकी मां का आरोप है कि पुलिस ने बेटी को रातभर थाने में बिठाकर रखा। उस पर बयान बदलने का दबाव बनाया गया। बेटी ने बयान बदलने से मना किया तो दो महिला पुलिसकर्मियों ने बेल्ट और लातों से इतना पीटा कि वह बेहोश हो गई। हमारे घर जब बाल कल्याण समिति के सदस्य पहुंचे तो थाना प्रभारी अनूप यादव दुष्कर्म के आरोपी को साथ लेकर वहां आ गए। हमसे दुर्व्यवहार किया। अब बाल कल्याण समिति ने प्रशासन और एसपी को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। पीड़िता की मां की जुबानी पूरी कहानी...

'मेरी 13 साल की लड़की। 27 अगस्त की दोपहर करीब 1 बजे घर के पास ही गई थी। वह काफी देर तक लौटकर नहीं आई तो हमने ढूंढना शुरू किया। परिवार के सदस्य रातभर बिना कुछ खाए बेटी को तलाश करते रहे। पिता 28 अगस्त को कोतवाली थाने में रिपोर्ट कराने पहुंचे तो पुलिस ने लड़की की उम्र 18 साल बताकर गुमशुदगी दर्ज कर ली।

मोहल्ले वालों की मदद से पता चला कि कोतवाली क्षेत्र में ही रहने वाला बाबू खान उसे उठाकर ले गया है। 30 अगस्त को लड़की को आरोपी के कब्जे से छुड़ाकर लाए। लड़की ने बताया कि युवक उसका अपहरण कर ले गया था। उसने तीन दिन बंधक बनाकर रखा, उसके साथ रेप किया। सूचना देने के दो घंटे बाद रात करीब 10 बजे पुलिस मौके पर पहुंची। रात में हम भी रिपोर्ट लिखवाने थाने पहुंचे। यहां दो महिला पुलिसकर्मियों ने बेटी पर बयान बदलने का दबाव बनाया। मना किया तो बेटी को थप्पड़ मार दिया। थाने का मुंशी मुझे बाहर ले गया।

थाने के अंदर महिला पुलिसकर्मियों ने बेटी को बेल्ट और लातों से जमकर पीटा। थोड़ी देर बाद मुझे थाने में बुलाया। अंदर देखा तो बेटी जमीन पर बेहोश पड़ी थी। मैंने उसके चेहरे और सिर पर हाथ फेरा। उसने पूरी बात बताई। रातभर उसे थाने में ही रखा। मुझे बाहर भगा दिया। मैं भी रातभर बाहर बैठी रही। सुबह पुलिसवालों ने छोड़ दिया। 31 अगस्त की रात में हम फिर थाने पहुंचे। टीआई से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने भगा दिया। इसके बाद 1 सितंबर की शाम तीसरी बार पति के साथ थाने पहुंची। अब आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया, लेकिन FIR में अपहरण का जिक्र नहीं किया गया है।'

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आरोपी को लेकर नशे में पीड़िता के घर पहुंचे थानेदार

बाल कल्याण समिति के सदस्य 3 सितंबर को पीड़िता के घर पहुंचे। समिति ने प्रशासन और एसपी को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।
बाल कल्याण समिति के सदस्य 3 सितंबर को पीड़िता के घर पहुंचे। समिति ने प्रशासन और एसपी को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।

बाल कल्याण समिति की न्यायपीठ के सदस्य सौरभ भटनागर ने बताया कि जानकारी मिलने पर समिति अध्यक्ष व सदस्य अफसर जहां के साथ 3 सितंबर को पीड़िता के घर पहुंचे। वे पीड़िता और उसके परिवार से चर्चा कर रहे थे। रात करीब साढ़े 9 बजे कोतवाली थाना प्रभारी अनूप यादव दुष्कर्म के आरोपी बाबू को साथ लेकर पीड़िता के घर आ गए। आरोपी को वहां लाने पर जब आपत्ति जताई तो टीआई ने अभद्रता की। टीआई ने कहा कि वे आरोपी की पहचान कराने के लिए लाए हैं, जबकि नियमानुसार नाबालिग पीड़िता के सामने आरोपी को नहीं ला सकते। इस पर टीआई ने गाली-गलौज कर धमकी दी। इसकी शिकायत तत्काल कलेक्टर को फोन पर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीआई अनूप यादव वर्दी में और नशे में थे। उनके साथ महिला पुलिसकर्मी भी नहीं थी।

टीआई ने CWC के सदस्यों से भी की अभद्रता

बाल कल्याण समिति (CWC) की न्यायपीठ की सदस्य अफसर जहां का कहना है कि 30 अगस्त की रात लड़की शिकायत करने थाने गई तो उसकी मां को बाहर बिठाकर रखा गया। उसे अंदर ले जाकर पट्टों और लातों से मारा गया। जब वह बेहोश हो गई तो मां को अंदर लाया गया। पुलिस ने इस मामले में FIR 1 सितंबर की शाम को की है। इसमें पीड़िता की आयु 17 वर्ष बताई है, जबकि वह 13 साल की है। हम पीड़िता के घर पहुंचे तो कोतवाली टीआई अनूप यादव ने दुर्व्यवहार किया। इस मामले को लेकर कलेक्टर को पत्र लिखा है। मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।

बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने एडीएम से भी शिकायत की है।
बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने एडीएम से भी शिकायत की है।

पुलिस मामले को तोड़-मरोड़ रही : भाजपा जिला महामंत्री

भाजपा जिला महामंत्री बृजेश राय ने कोतवाली टीआई पर केस में साक्ष्य छिपाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि नाबालिग तीन दिन तक आरोपी के कब्जे में रही। पुलिस ने इस तथ्य को FIR में नहीं लिखा। साथ ही, अपहरण करने व बंधक बनाने के तथ्य काे छिपाया है। उन्होंने वरिष्ठ अफसरों से मामले की जांच कराने की मांग की है।

अब कोतवाली टीआई का पक्ष जान लीजिए...

इस पूरे मामले में कोतवाली टीआई अनूप यादव ने कहा, पीड़िता के पिता के कहे अनुसार कार्रवाई की गई। आरोपी पर पॉक्सो व एससी एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की है। मामले की जांच की जा रही है। ADM प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि सोमवार को मामले की शिकायत मिली है। जांच कराई जाएगी।

एसपी बोले- न मारपीट हुई, न हवालात में रखा
एसपी सचिन शर्मा ने कहा है कि पीड़िता को न तो हवालात में रखा गया और न ही उसके साथ मारपीट हुई है। पीड़िता की ओर से इस बारे में शिकायत भी नहीं की गई है। कोर्ट में उनके बयान भी हो चुके हैं। जहां तक सीडब्ल्यूसी सदस्यों के आरोप का सवाल है, वे भी निराधार हैं।

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