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मृत महिला को लगा दी वैक्सिन:19 अप्रैल को हो चुकी थी मौत, 7 सितंबर को दूसरा डोज लगाने का प्रमाण पत्र हुआ जारी, पुत्र ने उठाए सवाल

छिंदवाड़ा2 महीने पहले
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छिंदवाड़ा में वैक्सीनेशन का टारगेट पूरा करने के लिए किस तरह से लापरवाही की जा रही है इसका एक मामला सोमवार को सामने आया जब वैक्सीनेशन टीम लापरवाही के चलते मृत महिला के नाम पर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया। इस संबंध में मृतिका के बेटे बेटे ने कहा कि वह अपनी मां की गुमशुदगी दर्ज कराएगा। ताकि जिला प्रशासन यह बता सके कि उनकी मां को कब और कहां वैक्सीन का दूसरा डोज लगाया गया था। संचार कॉलोनी निवासी वैभव रत्नाकर ने आरोप लगाया है कि 5 अप्रैल 2021 को उनकी मां भाग्यलक्ष्मी रत्नाकर (71) को वैक्सीन का पहला डोज लगा था। कुछ दिनों बाद उनकी हालत बिगड़ी, कोरोना का उपचार घर पर चला, 19 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई । मां के साथ वैभव ने भी वैक्सीन का पहला डोज लगाया था। 4 अक्टूबर को जब उन्होंने वैक्सीन "का दूसरा डोज लगवाया तो उन्हें पता चला कि 7 सितंबर को ही उन्हें दूसरा डोज लग चुका है। जब उन्होंने अपना और मां का सर्टिफिकेट डाउनलोड किया तो देखा कि दोनों के नाम का फाइनल सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है ।

दस्तावेज में कैसे जीवित हो गई महिला

मृतिका के बेटे वैभव रत्नाकर कहते हैं कि मां की मौत कोरोना संक्रमण से हुई, प्रोटोकाल से उनका अंतिम संस्कार किया गया। कोरोना से हुई मौतों को प्रशासन दबा रहा है। वहीं मृत व्यक्ति को भी वैक्सीनेशन का फर्जी सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा है। दस्तावेजों में जब मेरी मां जीवित है तो उनकी गुमशुदगी थाने में दर्ज कराऊंगा।

टीकाकरण अधिकारी बोले-तकनीकी कारणों से हुई गलती

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर एल एन साहू इसको तकनीकी त्रुटि बता रहे है उनका कहना है गलती की वजह से हुआ होगा।हम ऐसी शिकायतों पर गवर्मेंट ऑफ इंडिया को सूचित कर देते है।

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