• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Chhindwara
  • Demand For Fair Investigation Into Suspected Suicide Of Mahant Narendra Giri, Told Damage To Religion And Country

शंकराचार्य बोले, निंदा से संतों को विचलित नहीं होना चाहिए:यदि महंत नरेंद्र गिरी की हत्या हुई है तो वह भी गलत है और यदि उन्होंने आत्महत्या की है तो वह भी गलत है, निष्पक्ष जांच होना चाहिए

नरसिंहपुर/ छिंदवाड़ा4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

द्विपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। परमहंसी गंगा आश्रम झोतेश्वर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि इस घटना से हमें बहुत दुख पहुंचा है, क्योंकि हमारे बीच का एक साथी चला गया है। उन्होंने सारे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।

संतों को निंदा से विचलित नहीं होना चाहिए

शंकराचार्य ने आत्महत्या को पाप बताते हुए कहा कि जो संत हैं, उन्हें निंदा से इतना विचलित नहीं होना चाहिए और आत्महत्या जैसा कृत्य नहीं करना चाहिए। संसार में सबसे बड़ा पाप आत्महत्या होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराध को करने के बाद प्रायश्चित कर सकते हैं, लेकिन जब आप ने आत्महत्या कर शरीर ही विनाश कर लिया तो फिर प्रायश्चित कैसे होगा?

हत्या हो या आत्महत्या सच आना चाहिए सामने

शंकराचार्य ने कहा अक्सर महंत महेंद्र गिरी से गौ हत्या, गंगा सफाई सहित अन्य अभियानों को लेकर चर्चा होती रहती थी। उनके साथ जो भी हुआ है, काफी दुखद हुआ है। यदि महंत की हत्या हुई है तो वह भी गलत है और यदि उन्होंने आत्महत्या की है तो वह भी गलत है। दोनों ही मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

खबरें और भी हैं...