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  • Doctor Of Community Health Center Alleges: Tehsildar Is Giving Unnecessary Pressure, I Will Burn Degree, I Am In Depression!

तहसीलदार ने की अभद्रता, डॉक्टर बोला दे दूंगा इस्तीफा:सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर का आरोप: तहसीलदार दे रहे अनावश्यक दबाव, जला दूंगा डिग्री, डिप्रेशन में हूं!

छिंदवाड़ाएक महीने पहले
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आयुष मेडिकल आफिसर चिरंजीवी पव� - Dainik Bhaskar
आयुष मेडिकल आफिसर चिरंजीवी पव�
  • डॉक्टर के समर्थन में उतरे स्वास्थ्य कर्मी, देर रात अधिकारियों ने किया सामंजस्य बनाने का प्रयास

आदिवासी अंचल तामिया में लोग कोविड संक्रमण को लेकर तरह तरह की भ्रांतिया पाल रहे है तथा सैंपल देने से भी डर रहे है ऐसे मेें तामिया जैसे क्षेत्र में सेंपलिंग नहीं हो पा रही है, इसी सैंपलिंग के टारगेट को लेकर आज तहसीलदार और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एक डाक्टर के बीच जमकर नोंक झोंक हो गई, जिसके बाद तहसीलदार मनोज चौरसिया से विवाद के बाद आयुष मेडीकल ऑफिसर चिरंजीवी पवार ने अपने पद से त्यागपत्र की पेशकश कर दी। जिसका वायरल वीडियो चर्चा में रहा । तामिया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ आयुष डॉक्टर चिरंजीवी पवार का कोरोना संक्रमितों के सैंपल टेस्ट विषय में संबंधित तहसीलदार मनोज चौरसिया से जमकर कहासुनी हो गई । बताया जाता है कि तहसीलदार का कहना था कि आप ग्रामीण क्षेत्र में जाकर सौ लोगों का सैंपल टेस्टिंग के लिए ले वहीं डॉक्टर का कहना था कि ओपीडी में 25 लोग तामिया मुख्यालय आते है और ग्रामीण क्षेत्र में लोग सैंपल टेस्ट के लिए तैयार नहीं होते ऐसे में प्रतिदिन 100 सैंपल का लक्ष्य कैसे पूरा होगा । इस कहासुनी का किसी ने वीडियो बना लिया जो वायरल कर दिया इस घटना से आहत डॉक्टर चिरंजीवी का कहना था कि 2 अप्रैल को कोविड से उनके पिता की मृत्यु हो गई है सैंपलिंग के दौरान आदिवासी अंचल में ग्रामीण मारने-पीटने की धमकी देते है फिर भी वे पूरी चिकित्सीय सहायता का प्रयास कर रहे है। इस विषय में तहसीलदार मनोज चौरसिया से संपर्क नहीं पाया कि उनका इस मामले में क्या कहना है ।

छिंदवाड़ा के लैब टेक्नीशियन ने दिया था इस्तीफा

कोरोना संक्रमण के दौरान काम का दबाव कुछ इस तरह बढ़ा कि शासकीय कर्मचारी अब त्रस्त हो गए है। इस वजह से वे ना केवल कार्यालय में परेशान है बल्कि इसका गुस्सा उनके घर तक दिखाई देने लगा है। मूलत: टीवी सेनेटोरियम में पदस्थ रहे लैब टेक्निशियन नेलसन पिछले कुछ वर्षों से मोहखेड़ अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रह थे। लेकिन कोरोना का संक्रमण बढ़ते ही उन्हें छिंदवाड़ा बुला लिया गया। लेकिन वे काम का दबाव बर्दाश्त नहीं कर सके और अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। सरकारी मिशनरी में खासतौर पर स्वास्थ्य विभाग में काम के बोझ तले ऐसे कई उदाहरण देखे जा रहे है। जहां अधिकारी, कर्मचारियों का सामान्य वार्तालाप में भी व्यवहार असामान्य दिखाई दे रहा है।

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