MP में अफसर निकला चोर:जबलपुर के सहायक आबकारी अधिकारी ने सरकारी गाड़ी से जाकर ज्वेलर्स के घर की चोरी, 8 गिरफ्तार

छिंदवाड़ा9 महीने पहले
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मध्यप्रदेश के जबलपुर में सहायक आबकारी अधिकारी ने 10 चोरों के साथ मिलकर सिवनी में ज्वेलर्स के घर चोरी की थी। चोरी का माल सरकारी बोलेरो में रखकर वह जबलपुर ले गया और एक व्यापारी को बेच दिया। पुलिस ने एक चोर को पकड़ा तो पूरा मामला सामने आया। पुलिस ने अफसर, एक पूर्व सैनिक समेत आठ लोगों को इस मामले में गुरुवार को गिरफ्तार किया है। दो चोर और जेवर खरीदने वाला व्यापारी फरार है।

आरोपी सहायक आबकारी अधिकारी राजेश चौधरी जबलपुर आबकारी डिपो का प्रभारी है। चौधरी पूरी चोरी का मास्टरमांइड है। सिवनी के बंडोल पुलिस के मुताबिक, 8 अक्टूबर की रात सर्राफा व्यापारी अशोक साहू के घर लाखों रुपए के आभूषण और नकदी की चोरी हुई थी। व्यापारी ने 4 लाख 49 हजार रुपए समेत 780 ग्राम सोने के जेवर की चोरी की रिपोर्ट लिखाई थी।

राजेश चौधरी और अमित सिकरवार को डूंडा सिवनी निवासी राधेश्याम टेम्भरे ने व्यापारी के पास लाखों के जेवरात और नगदी की जानकारी दी थी। इसके बाद तीनों ने मिलकर डिंडौरी जिले के शहपुरा के भीमपार गांव निवासी धर्मेंद्र सैयाम से संपर्क किया और साथ में मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। धर्मेंद्र सैयाम पर पहले से चोरी के कई मामले दर्ज हैं। कुछ साल तक धर्मेंद्र जेल में भी रहा है।

चोरों से जब्त नगदी और जेवर।
चोरों से जब्त नगदी और जेवर।

जबलपुर के व्यापारी ने खरीदा था माल
इन शातिर चोरों से जबलपुर के सर्राफा व्यापारी गोलू सराफ ने चोरी का माल खरीदा था, जो किसी विधायक का रिश्तेदार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

27 लाख 55 हजार किए गए जब्त
सिवनी पुलिस ने करीब 27 लाख 55 हजार रुपए और कुछ जेवर बरामद किए हैं, जबकि फरियादी अशोक साहू ने 4 लाख 49 हजार रुपए नकद चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है कि कहीं और भी चोरी इन लोगों ने तो नहीं की है।

ढाई घंटे में दिया चोरी की वारदात को अंजाम
लाखों की इस चोरी को लेकर कई तथ्य सामने आ रहे हैं। थाना प्रभारी पंचम देशमुख के मुताबिक चोरों ने बखारी में शटर तोड़कर लगभग ढाई घंटे में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इस सारे मामले में दिलचस्प बात यह रही कि जिस मकान में ढाई घंटे तक चोरी होती रही, वहां पूरा परिवार सो रहा था, लेकिन किसी की नींद नहीं खुली। बताया जा रहा है कि चोरों ने कुछ नशीले स्प्रे का उपयोग किया था, जिसकी वजह से परिवार के किसी सदस्य की नींद नहीं खुली।

2 लाख के लालच में पकड़ा गया मुख्य आरोपी
पुलिस के अनुसार, डिंडोरी का शातिर चोर धर्मेंद्र सैयाम चोरी करने के लिए अकेला शटर तोड़कर मकान में घुसा था, जबकि सहायक आबकारी अधिकारी राजेश चौधरी सहित अन्य लोग मकान के बाहर खड़े होकर निगरानी कर रहे थे। इस दौरान धर्मेंद्र ने चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद लगभग दो लाख रुपए घर के पीछे बने एक खेत में छुपा दिए थे।

वारदात के दूसरे दिन धर्मेंद्र दोबारा इन्हीं पैसों के लिए बखारी गांव पहुंचा था, तभी कुछ लोगों ने पुलिस के द्वारा दिखाए गए सीसीटीवी फुटेज के चलते धर्मेंद्र को पहचान लिया। इसकी सूचना के बाद पुलिस ने वैनगंगा नदी के पास बस को रुकवा कर धर्मेंद्र को धर दबोचा। इसके बाद धर्मेंद्र ने पुलिस के सामने पूरी कहानी खोल कर रख दी।

जवाब नहीं दे पाए चोर अफसर
मामले में सहायक आबकारी अधिकारी राजेश चौधरी से पुलिस लगातार पूछताछ करती रही, लेकिन वह पुलिस के सामने कोई भी ठोस जवाब नहीं दे पाया। एसपी कुमार प्रतीक के अनुसार, पुलिस ने जब आबकारी अधिकारी से पूछा कि सरकारी ड्यूटी में होने के बावजूद तुम्हें चोरी करने की क्या जरूरत पड़ गई तो वह कोई जवाब नहीं दे पाया।

पुलिस ने चोरी के मामले में कुल 12 लोगों पर प्रकरण दर्ज किया है। इसमें से तीन आरोपित फरार हैं। चोरी जेवर खरीदने वाले जबलपुर के फरार सराफा व्यापारी की तलाश की जा रही है। उसे भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने चोरों से अभी तक 27.55 लाख रुपए की नकद राशि जब्त की है। इसके अलावा तीन फोर व्हीलर और 7 मोबाइल हैंडसेट जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि अन्य चोरी की वारदातों का पता लगाया जा सके।

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