• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Chhindwara
  • In The Accident, The Lamps Of The House Of Three Families Were Extinguished, Some Lost Daughters, And The Only Son Of Some Died.

छिंदवाड़ा में सड़क हादसे में 6 की मौत का मामला:जिसके लिए तीजा व्रत रखा, सिर्फ वही परिवार में बचा; दो तो अपने माता-पिता की इकलौती संतान

छिंदवाड़ा4 महीने पहले

छिंदवाड़ा में नागपुर के तीन परिवारों की खुशियां उजड़ गईं। गुरुवार रात छिंदवाड़ा- बैतूल रोड पर हुए दर्दनाक हादसे ने कुछ ऐसे निशान छोड़े हैं जो कभी मिट नहीं सकते। एक पूरा हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया, जिसके लिए तीजा का व्रत रखा था, अब पूरे परिवार में सिर्फ वही बचा है। उसकी दो बेटियाें और पत्नी की मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाली दिव्या यादव (7) अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। प्रिंस भी अपने घर का इकलौता चिराग था।

बता दें कि गुरुवार रात नागपुर से छिंदवाड़ा आ रही कार को ट्रक ने टक्कर मार दी थी। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी। शुक्रवार को छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में दोपहर तीन बजे तक 6 शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया। हादसे की शिकार कार में चार परिवार के लोग सवार थे। हादसे में दिव्या यादव, मयूरी ढोके, निशा ढोके, माही ढोके, प्रिंस बघेल और राहुल की मौत हो गई जबकि रमजान और निलेश घायल हैं।

हादसे की शिकार दिव्या और निशा तीजा मनाने आ रही थी छिंदवाड़ा
हादसे की शिकार दिव्या का शव लेने आए उसके दादा रामलाल शंभूनाथ यादव ने बताया कि उन्हें तो पता ही नहीं था कि वह छिंदवाड़ा आ रही है। उसके माता-पिता में इतनी हिम्मत नहीं थी कि शव लेने अस्पताल तक आएं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। दिव्या तीजा पर्व पर अपनी सहेली मयूरी ढोके के साथ छिंदवाड़ा आ रही थी। हादसे में मयूरी ढोके, उसकी मां निशा और बहन माही की भी मौत हो गई।

राजू ने पत्नी के साथ दो मासूम बच्चियों को खो दिया
बैतूल रिंग रोड पर हुए इस हादसे ने पेशे से ट्रक ड्राइवर नागपुर निवासी राजू ढोके का सब कुछ छीन लिया। दरअसल, राजू की पत्नी निशा ढोके हर साल तीजा पर्व अपने मायके में ही मनाने के लिए छिंदवाड़ा के पटपडा आती थी। इस साल भी वह अपनी दोनों बच्ची मयूरी ढोके (15) और माही ढोके (13) के साथ आ रही थी।

पोती का शव लेने आए रामलाल शंभूनाथ यादव।
पोती का शव लेने आए रामलाल शंभूनाथ यादव।

नाना के घर जाने के लिए आया था प्रिंस
निशा ढोके के परिवार के साथ हादसे का शिकार हुआ 18 साल का प्रिंस बघेल अपने घर का इकलौता संतान था। वह अपने ननिहाल छिंदवाड़ा के चारगांव आने के लिए इसी कार में सवार था, लेकिन नाना के यहां जाने से पहले हादसे ने इसकी जिंदगी छीन ली। शव लेने के लिए उसके मामा के परिवार के लोग आए थे।

इसी कार में सवार थे सभी।
इसी कार में सवार थे सभी।

सड़क हादसे में 6 की मौत:छिंदवाड़ा में आयशर ट्रक ने कार को पीछे से मारी टक्कर, 5 बच्चों और एक महिला ने मौके पर दम तोड़ा

खबरें और भी हैं...