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आपदा काल में जारी है रेमडेसीविर की कालाबाजारी:महाराष्ट्र का युवक, छिंदवाड़ा में 25-25 हजार रूपए में बेच रहा था रेमडेसीविर के 6 इंजेक्शन, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

छिंदवाड़ा।6 महीने पहले
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आरोपी के पास से जप्त किए गए इंजेक्शन के साथ देहात थाना पुलिस - Dainik Bhaskar
आरोपी के पास से जप्त किए गए इंजेक्शन के साथ देहात थाना पुलिस
  • अमरावती के डा पंजाबराव देशमुख अस्पताल से इंजेक्शन लेने का किया गया दावा
  • इससे पहले भी छिंदवाड़ा में दो इंजेक्शन के साथ पकड़ा जा चुका है एक आरोपी

छिंदवाड़ा। महाराष्ट्र के अमरावती में एक अस्पताल से रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राप्त कर उसे छिंदवाड़ा में बेच रहे युवक को पुलिस ने रंगे हाथों दबोचा है, एसपी को मिली सूचना के बाद खुद पुलिस ने ग्राहक बनकर सौदा किया और इस युवक को परासिया रोड पर दबोच लिया। आरोपी प्रति इंजेक्शन के २५ हजार रुपए वसूलने की तैयारी में था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर छह इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। पुलिस कंट्रोल रुम से मिली जानकारी के अनुसार मुखबिर से सूचना के बाद पुलिस ने एक युवक से फोन पर संपर्क साधा, जिससे चर्चा में पता चला कि वो रेमडेसिविर इंजेक्शन बेच रहा है। प्रति इंजेक्शन 25 हजार रुपए में सौदा तय हुआ, जिसके बाद पुलिस ने उसे इंजेक्शन लेकर बुलाया और फिर रंगे हाथों दबोच लिया, जिसके बाद उससे छह: इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने जिस युवक को ये सौदा करते हुए गिरफ्तार किया है वो महाराष्ट्र के अमरावती गाडग़े नगर शुभम ले आउट रोहनी पार्क कथोरा नाका निवासी २४ वर्षीय अजिंक्य पिता प्रफुल्ल ठाकरे नाम का बताया जा रहा है, जिसे धारा 188,269 भादवि, आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3,7 एवं महामारी अधिनियम 1897 की धारा 3, आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 2005 की धारा 51(ब), 53 के तहत प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से छह वॉयल, मोबाइल, मोटर साइकिल क्रमांक एमएच 28 एई 0015 जप्त की गई है।
महाराष्ट्र के अस्पताल से मिले इंजेक्शन
पुलिस ने जिस अजिंक्य ठाकरे नामक युवक को छिंदवाड़ा में गिरफ्तार किया है, उसके दावे के अनुसार उसे वो इंजेक्शन महाराष्ट्र अमरावती के डाक्टर पंजाब राव देशमुख अस्पताल से मिले थे, उसने कोरोना मरीजों के नाम से दस्तावेज तैयार कर ये इंजेक्शन प्राप्त कर लिए थे। इसके बाद वो उन्हें बेचने के लिए छिंदवाड़ा पहुंच गया और २५ हजार में एक बेचने की फिराक में था।
छिंदवाड़ा कैसे पहुंचा युवक
इस कार्यवाही के लिए पुलिस को बधाई, लेकिन एक बड़ा सवाल ये खड़ा हो गया है कि आखिर जब लॉकडाउन है और बेवजह बाहरी लोगों के आगमन पर प्रतिबंध है तो आखिर ये युवक छिंदवाड़ा कैसे पहुंच गया? क्या बार्डर पर बिना चैकिंग के इसे आने दिया? यदि ये छिंदवाड़ा तक आया भी तो क्या इसका रिकार्ड पुलिस के पास था? यदि जबाव ना है तो समझ ले कि इसी तरह कैसे कई सैकड़ों लोग प्रतिदिन महाराष्ट्र से छिंदवाड़ा आराम से पहुंच रहे हैं।

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