लव जिहाद की आशंका में लात-घूंसे मारे, घसीटा:छिंदवाड़ा में युवक बोला-मुझे और अब्बू को बेरहमी से मारा, अम्मी का नकाब फाड़ दिया

छिंदवाड़ा2 महीने पहले

छिंदवाड़ा में लव जिहाद की आशंका में एक युवक और उसके परिजनों की बेरहमी से पिटाई कर दी। युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लाल गांव का रहने वाला युवक अपने ही गांव की युवती को पिछले माह भगाकर ले गया था। परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने हैदराबाद से युवती को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था। परिवार ने युवती को विवाद के डर से उसके मामा के यहां चौरई के गुरैया गांव भेज दिया था। इस बात की जानकारी लगने पर युवक अपने परिजनों के यहां पहुंच गया। युवती के रिश्तेदारों ने युवक और उसके परिजनों की पिटाई कर दी। पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

एक महीने पहले शुरू हुआ था मामला
दरअसल, यह पूरा मामला एक माह पहले का है। चांद थाना अंतर्गत आने वाले लाल गांव के एक युवक को गांव की एक लड़की से प्यार हो गया। प्रेम प्रसंग में युवक उसे अपने साथ भगा ले गया था। युवती के परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन कहीं भी पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने चांद थाने पहुंचकर मामले की शिकायत कर दी। इसके बाद चांद पुलिस ने युवती को हैदराबाद से युवक के साथ पकड़ लिया।

दोनों को लेकर पुलिस टीम छिंदवाड़ा पहुंची और युवती को परिजनों के हवाले कर दिया। युवक के साथ लापता हुई युवती बालिग थी, ऐसे में हैदराबाद से जब युवती को बरामद किया गया और थाने लाया गया तो युवती के परिजनों ने किसी भी तरह से कोई भी कार्रवाई न करने की बात कहकर आपसी राजीनामा कर लिया। इस मामले में चांद पुलिस ने किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की।

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मामा के यहां रह रही थी युवती
घटना के बाद युवती के परिजनों ने उसे लाल गांव की बजाए अपने मामा के घर चौरई के ग्राम औरैया दिया था। लगभग एक महीने बाद 15 सितंबर को कथित युवक ने मोबाइल फोन के माध्यम से संबंधित युवती से संपर्क किया और अपने परिजनों के साथ उसे लाने के लिए पहुंच गया। इसकी भनक लगते ही युवती के रिश्तेदारों ने उसकी साथ पिटाई कर दी। युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पीड़ित बोला-पुलिस नहीं आती तो वो मार डालते
अस्पताल में भर्ती युवक ने बताया- हमारे घर के पास एक लड़की रहती है, मेरे और लड़की के परिवार के बीच अच्छे रिश्ते थे। एक डेढ़ माह पहले लड़की को मैं लेकर चला गया था। चांद थाना पुलिस लेकर हमें वापस लेकर आई जहां दोनो पक्षों में समझौता हो गया। लड़की ने थाने में कहा था कि वह मेरे साथ ही जिएगी और मरेगी। इसके बाद मेरे ऊपर कोई केस नहीं बना। हमने लड़की परिवार वालों के हवाले कर दिए।

गुरुवार की रात को अलग-अलग बाइक से बहन को लेने जा रहे थे। रास्ते में हमारे ऊपर हमला हुआ। वही पर मेरी गाड़ी पड़ी हुई थी। वहां से ओरिया तक घसीटते हुए लेकर गए। उसके बाद मुझे और मेरी अम्मी अब्बू को जूते, लात, घूंसे बेल्ट से बुरी तरह से मारे। बहुत बुरी कंडीशन कर दिए थे।अगर पुलिस नही पहुंचती तो हमारी जान भी नही बचती।

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