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विकासखंड के सभी स्कूलों में हड़कंप:टीम गठित होने के तीसरे दिन भी वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरु नहीं हुई

हटाएक महीने पहले
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बीआरसी कार्यालय द्वारा समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 में लगभग एक करोड़ के खर्च के मामले में नित नए खुलासे हो रहे हैं। इधर तीसरे दिन भी जांच टीम न तो बीआरसी कार्यालय पहुंची और न ही किसी स्कूल पहुंची। दूसरी ओर सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी सार्वजनिक हुई कि बीआरसी ने बिना बिल के लाखों का भुगतान कर दिया है।

कुम्हारी के शिवा ट्रेडर्स जैसे महीनों पहले बंद हो चुके प्रतिष्ठानों से दस लाख रुपए की सामग्री खरीद बताकर राशि आहरण करने के मामले सार्वजनिक होते ही स्कूलों में हडकंप के हालात हैं। हालांकि जिलाधिकारी एवं संयुक्त संचालक शिक्षा द्वारा जांच समितियों का गठन किया जा चुका है जांच आरंभ होना बाकी है। इधर हटा की अनेक शालाओं से नए नए खुलासे होने लगे हैं। प्राथमिक शाला मौजपुरा के प्रभारी गणेश अहिरवार ने बताया कि उन्होंने सामग्री खरीद कर शाला भवन में रंगरोगन कराकर बिल बीआरसी टीकाराम कारपेंटर को 20 मार्च को प्रस्तुत कर दिए थे।

लेकिन उन्होंने कहा कि यह बिल मद बार नहीं है इसलिए आप इन बिलों पर हस्ताक्षर कर दें और भुगतान हो जाएगा। इसके बाद 29 हजार 500 रुपए के बिलों का भुगतान भी हो गया लेकिन न हमारे यहां खेल सामग्री पहुंची न ही फायर किट पहुंची। हमने कई बार निवेदन कर भुगतान करने की बात कहीं लेकिन अभी तक भुगतान नहीं किया गया। दुकानदार रोज भुगतान के लिए चक्कर लगा रहे हैं। बीआरसी कार्यालय से दिए गए दो बिलो में एक बिल जेके कंस्ट्रक्शन दमोह नाका दमोह और एक बिल फायर सेफ्टी का दो हज़ार का विद्यार्थी वस्तु भंडार सागर का है, जिस पर सील लगाकर हस्ताक्षकर कराए गए हैं, लेकिन सामग्री नहीं दी गई।

कलेक्टर द्वारा जांच के आदेश होते ही बीआरसी कार्यालय के कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं और जनशिक्षकों के माध्यम से प्राथमिक और माध्यमिक शाला प्रमुखों को बुलाकर बिल अनुसार सामग्री देने का आश्वाशन दिया जा रहा है। ऐसी भी जानकारी सामने आ रही है कि बीआरसी कार्यालय से जुड़े एक मशीनरी व्यापारी शिक्षक के रूप में सामग्री वितरण में जुट गए हैं ताकि जांच टीम पहुंचने के पहले सामग्री संबंधित शालाओं में पहुंच सके लेकिन समस्या यह आ रही है कि जिन शालाओं में रंगाई पुताई के बिल निकाल लिए, राशि खर्च बता दी उनमें पुताई अब कैसे कराएंगे। इसके लिए रंग पेंट दुकानदारों को दोगुनी चार गुनी राशि पर पेंटर भेजने मिन्नतें की जा रही है।

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