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शहादत पर राजनीति का आरोप:पूर्व मंत्री वर्मा बोले - शहीद को चंद घंटों में जबलपुर से दमोह ला सकते थे, उसे भोपाल ले गए

दमोह3 महीने पहले

दमोह में बीएसएफ के जवान की शहादत पर राजनीति शुरू हो गई है। अमरनाथ सेक्टर में ड्यूटी पर तैनात दमोह के अकील खान की शहादत पर पूरा दमोह उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दे रहा है।

मंगलवार को दमोह पहुंचे पूर्व मंत्री व विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने दमोह के भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया कि वह शहादत के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। उनका आरोप था कि जिस शहीद के शव को चंद घंटों में जबलपुर से दमोह लाया जा सकता था, उसे जानबूझकर राजनीति करने के लिए पहले भोपाल बुलाया गया और वहां पर भाजपा कार्यालय में एक कार्यक्रम कर दिया।

उनका आरोप है कि भाजपा कार्यालय कोई पवित्र स्थान नहीं है, जहां पर शहीद के शव को रखकर नुमाइश की जाए। 36 घंटे बीत चुके हैं और शहीद का परिवार अपने बेटे के आखिरी चेहरे को देखने के लिए बेताब है, लेकिन ये नेता अपनी राजनीति करने में जुटे हैं। वर्मा का कहना है कि ऐसे मौकों पर केवल भाजपा के नेता ही राजनीति करते हैं। उन्हें इस शहादत से प्रेरणा लेना चाहिए, न कि राजनीति करनी चाहिए। ड्यूटी पर तैनात अकील को करंट लग गया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी।

बीएसएफ के माध्यम से जिला प्रशासन और अकील के परिवार को इस खबर की जानकारी दी गई। अकील की शादी करीब 10 साल पहले हुई थी, जिनके दो बच्चे हैं, जिसमें एक बेटी और एक बेटा शामिल है। माता पिता और भाई बहन के साथ पूरा परिवार है। शहादत के बाद पूरा परिवार अपने बेटे के शव के इंतजार में बैठा हुआ है।