योजना:अब आशा कार्यकर्ता भी एप से बनाएंगी आयुष्मान कार्ड

दमोह19 दिन पहले
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जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए मरीजों की भीड़ बढ़ रही है।

सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक आयुष्मान भारत कार्ड योजना की रफ्तार में तेजी आ गई है। अब तक यहां निर्धारित लक्ष्य के मात्र 52 प्रतिशत लाभुकों का ही कार्ड बन सका है। जिले में 10 लाख 5 हजार 193 पात्र लाभार्थी बनाने का लक्ष्य हैं। लेकिन इनमें से 6 लाख 9 हजार 153 हितग्राहियों के कार्ड बन गए हैं। लक्ष्य काे समय सीमा में पूरा करने के लिए अब रोजगार सहायक, ग्राम सहायक, कॉमन सर्विस सेंटर, लोकसेवा केंद्र और आशा कार्यकर्ता भी मोबाइल एप के माध्यम से कार्ड बनाने में जुट गईं हैं।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त चिकित्सा बीमा के तहत यह कार्ड बनना है। आयुष्मान कार्डधारी परिवार को जिला समेत देश भर के योजना से संंबद्ध तमाम अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। गरीब परिवारों को मुफ्त चिकित्सा लाभ की यह देश भर की सबसे बड़ी चिकित्सा बीमा के रूप में योजना बनी है। लेकिन कार्ड बनने की धीमी रफ्तार की वजह से अनेकों गरीब लाभार्थी योजना लाभ से वंचित हो रहे थे। जबकि गोल्डेन कार्ड के माध्यम से गरीब तबके के परिवारों को किसी भी बड़ी बीमारी का इलाज व उपचार कराने के लिए पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद मिलती है।

लेकिन लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए स्वास्थ्य महकमा गंभीर नहीं दिख रहा था। जिसके बाद इसे एक बार फिर से प्रमुखता से लिया जा रहा है। दरअसल यह योजना सरकार की प्राथमिकता में से एक है। स्वास्थ्य विभाग भी इस योजना के प्रति सक्रिय होकर काम करने की दावा करता रहा है, लेकिन लक्ष्य के अनुरूप काम नहीं हो रहा था। जिसके बाद एक बार फिर से विभाग सक्रिय हो गए हैं। जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. दिवाकर पटेल ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने के काम में तेजी आई है।

जिलेभर में अब तक 6 लाख 9 हजार 153 कार्ड बन गए हैं। जबकि शासन की ओर से 10 लाख 5 हजार 193 कार्य बनाने का लक्ष्य दिया गया है।

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