विधिक साक्षरता शिविर:बेटियां बोझ नहीं, उन्हें शिक्षा व सम्मान दें: पटेल

दतिया3 दिन पहले
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केंद्रीय विद्यालय में बालिका दिवस का आयोजन। - Dainik Bhaskar
केंद्रीय विद्यालय में बालिका दिवस का आयोजन।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार केन्द्रीय विद्यालय दतिया में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव श्रीवास्तव के निर्देश पर मंगलवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। व्यवहार न्यायाधीश वर्ग 2 दतिया राजीव पटेल ने जानकारी देते हुए बताया गया कि 24 जनवरी 1966 को इंदिरा गांधी ने महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। क्योंकि भारत के इतिहास में यह पहली बार था कि भारत में प्रधानमंत्री के तौर पर महिला देश की प्रधानमंत्री बन गई।

जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रथम कदम था। इस दिवस को बनाए जाने का मुख्य उद्देश्य देश की महिलाओं को उनके अधिकार के प्रति जागरूक करना है। क्योंकि हमारे समाज में लड़कियों को लड़कों की अपेक्षा कम आंका जाता है। उन्हें पढ़ने के अवसर नहीं मिलते, समय से पहले ही उनके विवाह करा दिए जाते हैं और उन्हें अपने सम्मान और अधिकार के प्रति भी लड़ना पड़ता है। इस दिवस के माध्यम से महिलाओं को उनके सम्मान, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है।

न्यायाधीश ने जानकारी देते हुए बताया गया कि आज हमारी सरकारें भी महिलाओं के विरूद्ध भेदभाव को दूर करने के लिए और सामाजिक स्तर पर लड़कियों की हालत में सुधार करने के उद्देश्य से उनके उत्थान हेतु कई योजनाएं को लागू किया गया है जिसमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत बालिकाओं के प्रति मुफ्त व अनुदानित शिक्षा आदि सम्मिलित है।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सुनील त्यागी ने इस दिन का उद्देश्य बताते हुए कहा कि बालिकाओं के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने व लैंगिक अनुपात में आई कमी को दूर करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का उद्देश्य लड़कियों के प्रति समाज के दृष्टिकोण को बदलना भी है। कार्यक्रम का संचालन रामप्रसाद बैरवा व आभार प्रभारी प्राचार्य ने व्यक्त किया।

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