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पूरी तरह बदला मौसम:माघ में चौमासे सा मौसम, 10 मिमी बारिश से सिंचाई का 3 टीएमसी पानी बचा, बिजली व किसानों की मेहनत भी बची

दतिया15 दिन पहले
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बारिश से बचने चादर ओढ़कर जातीं बालिकाएं। - Dainik Bhaskar
बारिश से बचने चादर ओढ़कर जातीं बालिकाएं।

माघ माह में चौमासे सा मौसम हो गया। मंगलवार की रात से रुक रुक कर शुरू हुई बूंदाबांदी बुधवार की दोपहर तक जारी रही। जिले में लगभग 10 मिमी बारिश दर्ज हुई। इतनी बारिश से सिंचाई का 3 टीएमसी (थाउजेंड मिलियन क्यूबिक फीट) पानी बच गया। बारिश, आसमान में बादल व हवा शांत होने से दिन का तापमान 6.1 डिग्री गिर गया तो रात का 4.6 डिग्री चढ़ गया। दिन व रात के तापमान में सिर्फ 2.6 डिग्री का अंतर रहा। बुधवार को दिन का तापमान 18.6 डिग्री तो रात का 16 डिग्री दर्ज हुआ। गुरुवार को भी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। शुक्रवार से आसमान साफ होंगे।

अंचल पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने पूरे जिले को भिगो दिया। मंगलवार की रात से बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हो गया था। पूरी रात रुक रुक कर बारिश होती रही। राजस्व विभाग के आंकड़ों में मंगलवार की सुबह 8 बजे से बुधवार की सुबह 8 बजे तक सबसे अधिक दतिया ब्लाक में 9 मिमी, सेंवढ़ा में 8 मिमी,भांडेर में 2 मिमी व इंदरगढ़ में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। सुबह 8 बजे के बाद से दोपहर 2 बजे तक कभी बूंदाबांदी तो कभी हल्की बारिश का दौर चला।

बता दें कि माघ माह में होने वाली बारिश को मावठ कहा जाता है। मावठ की बारिश रबी फसलों के लिए अमृत होती है। कृषि वैज्ञानिक एके सिंह के अनुसार प्राकृतिक बारिश की सिंचाई जल स्रोतों के पानी की सिंचाई से अच्छी मानी जाती है। इससे फसलों को पोषक तत्व मिलते है। जमीन के साथ फसलों के पौधों की भी सिंचाई हो जाती है। इसलिए मावठ की बारिश का अच्छा माना जाता है।

बुधवार को दिन व रात का तापमान में 2.6 डिग्री का अंतर रहा। दिन का तापमान 18.6 डिग्री व रात का 16 डिग्री दर्ज किया गया। मंगलवार बुधवार की दरम्यानी रात 11 नवंबर के बाद सबसे गर्म रही। 11 नवंबर को रात का तापमान 15.5 डिग्री दर्ज किया गया था। आने वाले दिनों में भी दिन व रात के तापमान में अधिक अंतर रहने की संभावना नहीं है। जल संसाधन विभाग के प्रभारी ईई चैतन्य चौहान के अनुसार बारिश के कारण एक सिंचाई का पूरा पानी बच गया। उन्होंने कहा कि मंगलवार व बुधवार को हुई बारिश से सिंचाई का 3 टीएएमसी पानी बच गया।

आज के बाद 28 व 29 में फिर बारिश की संभावना: मौसम केन्द्र ग्वालियर के हुकुम सिंह के अनुसार 26 जनवरी को भी बारिश की संभावना रहेगी। इसके बाद 28 व 29 जनवरी को बारिश की संभावना है। सिंह के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश हो रही है। 26 जनवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। अंचल में इसका असर 28 व 29 जनवरी को दिखेंगा। इसके असर से बारिश होगी। यानि माह के शेष माह अभी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। मौसम में अधिक परिवर्तन नहीं होगा।

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