पुल के लिए जद्दोजहद:सनकुआं पुल बजट में नहीं लिया, विधायक बोले-‎ सेंवढ़ा की जनता से भेदभाव कर रही सरकार‎

सेंवढ़ा15 दिन पहले
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सेंवढ़ा में स्थित सनकुआं पुल। - Dainik Bhaskar
सेंवढ़ा में स्थित सनकुआं पुल।

सेंवढ़ा में सिंध नदी पर बने तीनों पुल बाढ़ में 13 माह पहले बह गए थे, इस बीच सरकार ने सिर्फ रतनगढ़ माता मंदिर पुल को स्वीकृति देकर टेंडर कराए और लांच पुल के टेंडर की प्रक्रिया जारी है। लेकिन सेंवढ़ा के सनकुआं पुल को अब तक मंजूरी नहीं दी गई और न ही इसे अनुपूरक बजट में लिया गया। इस पर सेंवढ़ा विधायक घनश्याम सिंह ने सरकार पर भेदभाव के आरोप लगाए हैं। वहीं जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश सिंह धाकड़ उक्त पुल काे मुख्य बजट में पास कराने की बात कह रहे है।

4 अगस्त 2021 को सिंध में आई बाढ़ ने न केवल लोगों को घर से बेघर कर दिया था बल्कि, नदी पर बने तीनों पुल भी ढह गए थे। बाढ़ में बहे लांच-पिछोर, रतनगढ़ पुल और सनकुआं पुल को 13 महीने से अधिक समय बीत गया है। इस बीच मार्च का वित्तीय बजट भी आया। बजट में बाढ़ में बहे सनकुआं पुल को छोड़कर सभी पुलों पर चर्चा हुई। अप्रेल में आंदोलन होने से पहले ही अधिकारियों के साथ शासन के प्रतिनिधियों ने बयान जारी किया कि तकनीकी कारणों से सेंवढ़ा पुल छूट गया है।

इसी महीने तीन दिन तक चले अनुपूरक बजट में भी सरकार ने सनकुआं पुल को कोई तवज्जो नहीं दी। सरकार के रवैये को देखकर लोगों में आक्रोश पनप रहा है। क्योंकि सेंवढ़ा सहित अास-पास के लोगों को धार्मिक स्थल जाने से लेकर इलाज कराने तक के लिए कई किमी लंबा फेरा लगाना पड़ रहा है।

आंदोलन रहे बेनतीजा- सेंवढ़ा के सनकुआं पुल ढहने के बाद पुर्ननिर्माण में हो रही देरी को लेकर हर व्यक्ति आक्रोशित है। यह आक्रोश सेंवढ़ा के लोगों ने बाजार बंद कर, ज्ञापन सौंपकर, धरना प्रदर्शन कर व्यक्त भी किया। अगस्त में सेंवढ़ा विधायक घनश्याम सिंह और मप्र कांग्रेस उपाध्यक्ष दामोदर यादव के नेतृत्व में दो बड़े आंदोलन जनसमर्थन से हुए। यही नहीं इसी महीने मां पीतांबरा के दर्शन करने आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सेंवढ़ा के व्यापारियों ने ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया। लेकिन तीन दिवसीय बजट में सनकुआं पुल का जिक्र नहीं हुआ।

आर्थिक रूप से कमजोर हुआ सेंवढ़ा, शिक्षा, स्वास्थ्य पर भी असर
सेंवढ़ा का मुख्य बाजार सिंध पार भिंड व भिंड जिले की सीमा से सटे गांवों के लोगों के आने से चमकता है। दूध, दही इन्हीं गांव से सबसे ज्यादा यहां बिकने पहुंचता है। भिंड की सीमावर्ती गांव के बच्चे यहां पढ़ने आते हैं और बीमार व अन्य कारणों से इलाज के लिए सेंवढ़ा अस्पताल पहुंचते हैं। लेकिन जब से पुल ढहा है और सिंध पर आवागमन प्रभावित हुआ तो समीपवर्ती जिलों के साथ सेंवढ़ा के ग्रामीण इलाकों के लोगों ने भी सेंवढ़ा के बाजार से दूरी बना ली। जिसके चलते सेंवढ़ा का व्यवसाय खत्म हो रहा है। लोग आर्थिक तंगी से जूझना शुरू हो गए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सीधा असर पड़ा है।

इस साल भी नवरात्र और लख्खी मेले में लगाना होगा 100 किमी लंबा फेरा
पिछले साल अगस्त महीने में रतनगढ़ पुल ढह जाने से पिछले नवरात्र में श्रद्धालुओं को जबारे दर्शन करने 100 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाकर मंदिर पर पहुंचना पड़ा था। पिछले साल दीपावली पर भाईदूज के लख्खी मेले में भी सैकड़ों किमी दूर से आए श्रद्धालुओं को डबरा की तरफ से आना जाना पड़ा था। इस साल चैत्र नवरात्र में श्रद्धालुओं ने इस परेशानी को भोगा और अब इस साल भी 26 सितंबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र में और 26 अक्टूबर को दीपावली की भाईदूज पर श्रद्धालुओं को 100 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाकर ही मंदिर जाना होगा।

पुल निर्माण को बजट में नहीं लिया
मानसून सत्र में सेंवढ़ा के पुलों को लेकर मेरे द्वारा ध्यानाकर्षण लगाया गया था। शासन ने ध्यानाकर्षण की अनदेखी की। अगर कोई मंत्री, नेता आता है तो उसके लिए रातों रात नई सड़कें बनकर तैयार हो जाती हैं, पुल बन जाते हैं। लेकिन सनकुआं पुल को बजट में नहीं लाया गया। सेंवढ़ा क्षेत्र की जनता से भेदभाव हो रहा है। अगले साल चुनाव हैं, शिवराज जी और उनके नेता किस मुंह से वोट मांगने जाएंगे। जबकि प्रदेश में भाजपा की सरकार है। -घनश्याम सिंह, विधायक, सेंवढ़ा

मुख्य बजट में पास कराएंगे पुल
ऐसा कुछ नहीं है। सरकार का प्रयास था लेकिन अनुपूरक बजट में किसी भी काम को नहीं लिया गया है। सेंवढ़ा के दो पुल जो बाढ़ में बहे थे वह पूर्व में स्वीकृत हो गए हैं। इस पुल को मुख्य बजट में पास करा लिया जाएगा। हमारा प्रयास है कि इसी साल के अंत तक पुल का निर्माण हो सके। इसके लिए अन्य स्वीकृतियां हम करा रहे हैं। -सुरेश सिंह धाकड़, जिला प्रभारी मंत्री, दतिया

एस्टीमेट में कुछ फेरबदल था इसलिए पुल वजट में शामिल नहीं किया
कुछ तकनीकी कारण थे हमारे द्वारा तैयार एस्टीमेट में कुछ फेरबदल के निर्देश थे। इसलिए सेंवढ़ा पुल की स्वीकृति नहीं हुई है। हम आगामी माह तक इस कार्य को पूर्ण करवाने का प्रयास करेंगे। जल्द ही टेंडर जारी होंगे।
-ज्ञानवर्धन मिश्रा, एसई, सेतु निर्माण शाखा ग्वालियर

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