कोटेश्वर में लगने वाला पांच दिवसीय मेला शुरू:उद्योग मंत्री दत्तीगांव ने कहा- सदियों से लगने वाले मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर

बदनावरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

हमें धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की प्रेरणा के लिए सदैव प्रयत्नशील रहना चाहिए। मेला हमारी संस्कृति के परिचायक होते हैं। इन मेलों में हमारी परंपरागत संस्कृति के दर्शन होते हैं। यह परंपरा कभी नहीं टूटनी चाहिए। ये बातें प्रदेश सरकार के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने जनपद पंचायत की ओर से प्राचीन कोटेश्वरधाम में आयोजित पांच दिवसीय मेले के शुभारंभ अवसर पर कही।

उन्होंने कहा कि मेले के आयोजन से ऊर्जा का वातावरण निर्मित होता है। सदियों से लगने वाले मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। इस अमूल्य धरोहर को संजोकर रखना हम सब का कर्तव्य है। इसमें लोगों को रोजगार भी मिलता है और छोटे-छोटे दुकानदारों के रोजी-रोटी का साधन होते हैं। प्राचीन कोटेश्वरधाम श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। हम इसके विकास के लिए सदैव तत्पर है।

कार्यक्रम में राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, पूर्व विधायक खेमराज पाटीदार, जनपद पंचायत अध्यक्ष आशाकुंवर सोलंकी, जनपद उपाध्यक्ष ममता पाटीदार व भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष डॉ. प्रह्लादसिंह सोलंकी अतिथि रूप में मंचासीन रहे।

मेला समिति अध्यक्ष प्रितेशप्रताप सिंह राठौर, मेला अधिकारी दिलीप सिंह पंवार ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम को अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। शुभारंभ के पहले अतिथियों ने गुफा में विराजित भगवान कोटेश्वर की पूजा की। कार्यक्रम के बाद अतिथियों ने मेले का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस मौके पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, ग्रामीण उपस्थित रहे।

हजारों की संख्या में मेला देखने पहुंचेंगे दर्शक

कोटेश्वर मेले को लेकर समूचे क्षेत्र में काफी उत्साह है। पांच दिवसीय मेले में रोज हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचेंगे। कार्तिक पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में महिलाएं यहां दीपदान करती है। यहां पवित्र कुंड में दीपदान के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है। मेले में मनोरंजन के साधन, केले और सिंघाडे की दुकानें, मनिहारी की दुकानें, बर्तन की दुकानें लग गई हैं। पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहेगी। मेले का समापन 10 नवंबर को होगा।

खबरें और भी हैं...