बदनावर में श्रीमद भागवत कथा का हुआ समापन:कथावाचक मनीष भैया ने भगवान कृष्ण व रुक्मिणी विवाह के बारे में बताया

बदनावर7 दिन पहले
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बदनावर की सरस्वती कॉलोनी में स्थित संजोग गार्डन में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का आज सातवां दिन था। कथावाचक मनीष राठौड़ भैया ने कृष्ण रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाया।

कथा में प्रवचन के दौरान मनीष भैया ने कृष्ण रुक्मिणी विवाह के बारे मे बताया किस प्रकार भगवान ने रुक्मिणी हरण कर विवाह रचाया। भगवान ने ऐसा क्यों किया।

उन्होंने बताया कि रामावतार में एवं इससे पूर्व हुए अवतारों में जिन जिन महिलाओं ने भगवान को पति रूप में पाने की इच्छा जताई थी। उन सब की इच्छा पूरी करने के लिए ही भगवान ने कृष्ण अवतार लेकर अपनी 24 कलाओं से पूर्ण रूप से इस धरा धाम पर 16100 रानी व 8 महापटरानी से विवाह किया। आगे परमात्मा ने आनंद रूप से ऐसी कई लीलाए कि जिससे संसार को ज्ञान मिले।

भैया ने डाकोरजी में भगवान रणछोड़राय की स्थापना की कथा भी विस्तारपूर्वक समझाते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान द्वारका के समीप से डाकोर में आकर विराजित हुए। जहां भगवान को स्वर्ण तुला दान करके स्थापित किया गया।

अंतिम दिन आज कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। बीते सात दिनों से यहां कथा को लेकर यहां धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ था। आज महाआरती के पश्चात कथा का समापन हुआ।

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