मां अन्नपूर्णा आश्रम:ढालखेडा में हुआ वेद और संस्कृत गुरुकुल दोबारा शुरू, अन्य सेवा प्रकल्प पहले से चल रहे

धामनोद13 दिन पहले
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मां अन्नपूर्णा मंदिर आश्रम जालनपुर ढालख़ेड़ा में वेद और संस्कृत गुरुकुल दोबारा शुरू किए गए हैं। ब्रह्मलीन श्री राघवानंदजी महाराज की संकल्प शक्ति व मां काशी निवासी दंडी स्वामी श्रीश्री अनिरुद्ध स्वामी के सान्निध्य में एवं श्री राजराजेश्वरी धाम उपासना केंद्र ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीश्री सच्चिदानंद महाराज के मार्गदर्शन में ये संभव हुआ है।

यह मां अन्नपूर्णा आश्रम श्री राघवानंद जी महाराज की लगभग 60 वर्षों तक तपोस्थली रही है। लेकिन यह स्थान नर्मदा डूब क्षेत्र घोषित होने से महाराजजी ने दूधी धामनोद में राजराजेश्वरी आश्रम स्थानांतरित कर दिया। सन् 1994 से वहां पर गुरुकुल संचालित किया। स्थितियां सामान्य होने पर मां अन्नपूर्णा मंदिर आश्रम ढालखेड़ा में शनिवार से एक बार फिर गुरुकुल प्रारंभ किया गया। देव आराधना, गोसेवा, परिक्रमावासियों की सेवा पूर्व से ही यहां जारी है। यहां पर मयंक जोशी गुरुजी आचार्य रहेंगे तथा बटुक विद्यार्थियों को शिक्षित करेंगे। आचार्य और विद्यार्थियों का तिलक लगा कर स्वागत भी किया गया।

इस अवसर पर जगदीश पटेल लोनारा वाले,राजेंद्र पाटीदार (आरटीओ)जगदीशचंद्र धाड़िया,विरेंद्र पाटीदार,सुमित पाटीदार,अशोक सेठ , प्रमोद केडिया आदि भक्तगण, दूधी आश्रम के सभी आचार्य और विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।

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