लापरवाही के कारण भवन खंडहर में तब्दील:जगन्नाथपुरा बालक स्कूल बना असामाजिक गतिविधियों का अड्डा, भवनों को पहुंचा रहे है नुकसान

मनावर14 दिन पहले

धार के मनावर नगर के मध्य जगन्नाथपुरा बालक स्कूल में बच्चों की पढाई के लिए शिक्षा विभाग व पालक शिक्षक संघ के ओर से लाखों रुपए खर्च कर नई डिजायन में भवन का निर्माण किया गया था। आज वहां का हाल ऐसा है कि कहीं दरवाजे नहीं है तो किसी बाथरूम की सीट टुटी हुई है।

सरकार ने सन् 2004 इन भवनों का निर्माण सर्व शिक्षा अभियान के तहत किया था। अनदेखी लापरवाही के कारण भवन खंडहर में तब्दील हो रहे है। साथ ही रात्रि में स्कूल कई असामाजिक गतिविधियों का अड्डा बन गया है।

जगन्नाथपूरा स्कूल परिसर में बने थे कई भवन

जिस समय इन भवनों का निर्माण हुआ था तब गुणवत्ताहीन तरीके से कार्य किया गया, जिसपर स्कूल प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया जो आज बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यह बच्चों के अक्षर ज्ञान लेने के पहले ही यह भवन जमींदोज होता दिखाई दे रहा है। परिसर में 12 भवनों का निर्माण किया था, जिसमें 6 भवन धीरे-धीरे अपना अस्तित्व खो चुके हैं। वहीं यहां कक्षा 1 से 8वीं तक में 183 बालकों को पढ़ाया जाता है। स्कूल परिसर में मवेशियों के गोबर के साथ कचरा कक्षों में पड़ा हुआ है।

फाटक व खिड़कियों को शरारती तत्वों ने पहुंचाया नुकसान

यह भवनों में स्कूल संचालित होने के बाद भी असामाजिक तत्वों के ओर से नवीन अतिरिक्त भवनों के फाटक और खिड़की के साथ दिवारों को भी नुकसान कर जीर्ण-शीर्ण कर दिया है।

कई बार लिखित में बीआरसी को दिया आवेदन

भवनों की स्थिति को लेकर स्कूल एचएम दिबा शेख ने कहा कि जर्जर भवनों की स्थिति को लेकर तीन माह पहले बीआरसी को बता दिया गया है। सहायक शिक्षिका सरला राव ने कहा भवन के पास बने बाथरूम को भी शरारती तत्वों ने नुकसान पहुंचाया था।

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