प्रशासन की सुस्ती:मनावर में तेज आवाज वाले दुपहिया वाहन में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर घूम रहे चालक

मनावर7 दिन पहले
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मनावर में बुलेट राजाओं व तेज दुपहिया वाहन चलने वालो की संख्या में इजाफा हो रहा है। पुलिस द्वारा शिंकजा नहीं कसने से हौसले बुलंद होते जा रहे है।

नगर में कुछ रहिसजादे के लड़कों के द्वारा रॉयल एनफील्ड की बुलेट व बाइक्स में मॉडिफाइड और तेज फटाके की आवाज करने वाले साइलेंसर का प्रयोग वाहनों में बढ़ता जा रहा है। ज्यादातर युवा अपनी बाइक्स में ऐसे साइलेंसर का प्रयोग कर रहे हैं, जो कि ध्वनि प्रदूषण का कारण बन रहे हैं।

धार में पुलिस प्रशासन द्वारा कई बुलेट राजाओं के खिलाफ कारवाई की थी लेकिन प्रशासन ने अभी तक एक भी वाहन पर कार्रवाई नहीं कि है रविवार को नगर के मुख्य मार्गों- से पटाखे की आवाज निकालने वाली बाइक के कारण लोग परेशान है। कुछ युवा बुलेट वाहन में रेट्रो साइलेंसर लगवा कर धड़ल्ले से सड़क पर दौड़ रहे हैं, लेकिन कोई धरपकड़ नहीं हो रही।

आरटीओ के नियम कहीं तेज आवाज में टूट रहे हैं तो कही मॉडिफाइड वाहन अफसरों मुंह चिढ़ा रहे हैं।नगर में 3 माह से शहर में दौड़ रही बुलेट बाइक में अवैध रूप से रेट्रो साइलेंसर लगाए जा रहे हैं। इनसे पटाखा या बंदूक की गोली चलने जैसी आवाज निकलती हैं। बीच सड़क पर युवा तेजी से गाड़ी दौड़ाते हुए यह आवाज निकालते हैं। ऐसे में हादसा होने का भी डर बना रहता है। देर रात तक चलने वाले ऐसे वाहनों से अधिकांश लोग परेशान हैं। इनसे ध्वनि प्रदूषण हो रहा है।

जब ये वाहन कॉलोनियों या मोहल्ले से गुजरते हैं तो लोगों की नींद खराब हो जाती है। रोगी, बुजुर्ग या बच्चे तो बुरी तरह घबरा जाते हैं। नागरिक राजेन्द्र सोनी,कैलाश वर्मां,जितेन्द्र सोलंकी ने बताया कि पटाखे जैसी आवाज करने वाली बाइक ज्यादातर शाम के समय सड़कों पर दौड़ती नजर आती हैं।

नगर के कुछ युवा मेन बाजार बाइकर्स महिलाओं व युवतियों के पास से गुजरते हैं जिससे वे घबरा जाती हैं। इन बाइक से कई बार हादसे भी हो चुके हैं। नगर के धार रोड, सिंघाना मार्ग पर स्कूल क्षेत्रों में कोचिंग क्षेत्रों में विद्यार्थियों के बीच से ये बाइकर्स जान बुझकर तेज आवाज के साथ निकलते हैं।

क्या कहता है कानून

केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190 के अनुसार “कोई भी व्यक्ति जो किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मोटर वाहन चलाते वक्त सड़क सुरक्षा, ध्वनि और वायु प्रदूषण के नियंत्रण के संबंध में निर्धारित मानकों का उल्लंघन करता है। ऐसे व्यक्ति पर पहली बार जुर्माने के तौर पर देना होगा। वाहनों के चलने के कारण निकलने वाली आवाज अधिकतम 80 डेसिबल तक होनी चाहिए। वाहन निर्माता कंपनियां इस मानक के अनुसार ही अपने वाहनों का निर्माण करती है। लेकिन मॉडिफाइड वाहन से निकलने वाली आवाज का स्तर 100 डेसीबल और उससे अधिक भी होता है जो कि गलत है।

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