मांडू में पालिका अधिनियम का उल्लंघन:निर्वाचन के 44 दिन बाद भी नहीं बनी पीआईसी, 15 वार्ड और मांडू का विकास रुका

मांडू19 दिन पहले

मांडू नगर परिषद में विभागीय कार्यों की समीक्षा कर नए प्रस्ताव लेने के लिए मप्र नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 54 के तहत विभागीय समितियों का गठन करने का प्रावधान है। लेकिन आज तक इस नियम का पालन नहीं हो रहा है। धार जिले के मांडू नगर परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन के 44 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पीआईसी का गठन नहीं हो पाया हैं।

मांडू में लोगों के चर्चा का विषय बना हुआ है कि भाजपा शासित नगर सरकार को किसी मुहूर्त का इंतजार है। इसको लेकर स्थानीय लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं कि कब पीआईसी का गठन होगा।

7 दिन में होना था गठन

नगर पालिका अधिनियम नियमानुसार, नगर पालिका, नगर परिषद के प्रथम सम्मेलन के 7 दिवस के भीतर अध्यक्ष को प्रेसिडेंट इन काउंसिल (पीआईसी) के गठन करना अनिवार्य होता हैं। लेकिन नगर परिषद के प्रथम सम्मेलन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के 44 दिनों बाद भी मांडू नगर परिषद में अध्यक्ष ने अपने अधिकार का प्रयोग नहीं किया। जिसके चलते विभागों का बटवारा आज तक नहीं हो पाया। जिसके चलते हैं नगर के विकास कार्य ठप्प पड़े हुए हैं।

5 विभागों की समितियां अभी तक नहीं बनी

नगर पालिका अधिनियम के अनुसार, नगर परिषद में 5 समितियां अध्यक्ष को अपने अधिकार से प्रथम सम्मेलन के 7 दिन के भीतर बनाना होता हैं। मांडू नगर परिषद में भी 5 महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व के रूप में पार्षदों को दिया जाना हैं। लेकिन लगभग 44 दिन पूरे हो चुके हैं। लेकिन मांडू नगर परिषद में नहीं बनी पीआईसी तय नहीं हो पाए हैं।

15 वार्डों के साथ मांडू विकास कार्य रुके

विभागों के बंटवारे और पीआईसी तय नहीं होने के चलते मांडू नगर परिषद के 15 वार्डों में विकास कार्य पूरी तरह ठप्प पड़े हुए हैं। नगर परिषद अध्यक्ष को किसकी हरी झंडी का इंतजार करना पड़ रहा है?

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