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अब नेशनल की तैयारी:आराध्य पंच और किक अच्छी मारता, जिले से लगाकर स्टेट में जीता गाेल्ड

धार15 दिन पहले
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खिलाड़ियाें ने चैंपियनशिप में भाग लेकर दिखाया अपना खेल।  - Dainik Bhaskar
खिलाड़ियाें ने चैंपियनशिप में भाग लेकर दिखाया अपना खेल। 

काेराेना की पहली लहर ने मुझसे मां काे छीन लिया, एक समय लगा था अब सबकुछ खत्म हाे गया। क्याेंकि घर की हालात भी ठीक नहीं थी। मां के कहने पर ही कराते खेलना शुरू किया था। मां ही पहली बार सेंटर पर लेकर गई थी। भगवान ने मुझे एक ऐसी भी ताकत दी जिसके चलते 2022 में 14 आयु वर्ग में खेलते हुए तहसील, जिला व स्टेट चैंपियनशिप में गाेल्ड मेडल जीता। अब मुझे नेशनल लेवल पर गाेल्ड जीतना है। यह कहानी है धार के अाराध्य सिंधिया की। जाे रविवार काे भारतीय खेल प्राधिकरण में दस साल बाद हुई ओपन चैंपियनशिप में शामिल हुए।

आराध्य पंच और किक अच्छी मारता है। जिसकी बदाैलत यह इस विधा में अच्छी पकड़ बना पा रहे है। स्पर्धा में इंदाैर, उज्जैन व रतलाम संभाग के 12 जिलाें से 200 खिलाड़ियाें ने भाग लेकर अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन किया। स्पर्धा में शहर के साैम्य राठाैर भी शामिल हुए। साैम्य के पिता का निधन एक साल पहले हाे चुका है। स्टेट में नेशनल गाेल्ड मेडलिस्ट हाेकर पिछले साल ही जबलपुर के साई सेंटर में प्रवेश मिला है। क्याेंकि धार के साई सेंटर पर यह खेल बंद हाे चुका। साैम्य जबलपुर में ट्रेनिंग ले रहा है स्पर्धा के लिए धार पहुंचा।

200 से ज्यादा खिलाड़ियाें ने 50 तरह की कला का प्रदर्शन किया
साैम्य ने बताया राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार और देश का नाम राेशन करना है। पंच से लगाकर फेस किक अच्छे से कर लेता हूं इसलिए अपने खेल से समझाैता नहीं कर रहा। मेरी कड़ी मेहनत की मुझे इस खेल में अागे बढ़ा रही है। कराते एसाेसिएशन के सचिव दुष्यंत सिह चौहान ने बताया ओपन टूर्नामेंट धार में 10 साल पहले हुआ था। यह प्रतियाेगिता 2019-20 में हाेना थी लेकिन कोविड 19 के कारण नहीं हो पाई थी। स्पर्धा में सुबह से शाम तक 200 से ज्यादा खिलाड़ियाें ने 50 तरह की कला का प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

सेंटर पर खेल बंद, शहर में 10 क्लास जारी
भारतीय खेल प्राधिकरण में कराते समेत हाॅकी अादि विधा बंद हाे चुकी है। इसका कारण एक ताे यहां से खिलाड़ी नहीं निकल पाए जबकि दूसरा खेल मैदान अाैर प्रशिक्षकाें की कमी। पूर्व में हॉकी की लड़कियों की टीम को राजनांदगांव शिफ्ट कर दिया था। वहीं कराते भी गत वर्ष से बंद हाे चुका। ऐसे में शहर समेत जिले के 700 खिलाड़ी कराते की प्रैक्टिस 10 निजी सेंटराें पर कर रहे है। जहां से राज्य, राष्ट्रीय स्तर और ओलिंपिक तक पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।

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