प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव:गंगाजल कलश यात्रा भी निकाली गई, मंदिर में अखंड ज्योति की हुई स्थापना

धारएक महीने पहले
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धार के गुमानपुरा में आदिवासी समाज और ग्रामीणों ने श्री राज राजेश्वरी माँ अम्बिका प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव और पंच कुंडात्मक शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया। प्रातः मंदिर पर शुभ मुहूर्त में माँ अम्बिका और काला-गोरा भेरूजी की प्रतिष्ठा की गई। वहीं भव्य रूप से गंगाजल कलश यात्रा भी निकाली गई। शतचंडी महायज्ञ में वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां डलवाई गई। पूर्णाहुति और महाआरती के बाद महाप्रसादी का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों ग्रामीणों ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। वहीं रात्रि में गांव का एक दल पावागढ़ धाम (गुजरात) से पैदल अखंड ज्योत लेकर आयोजन स्थल पर पहुंचा। वहीं मंदिर में अखंड ज्योत की स्थापना की गई।

5 दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। प्रातः माताजी मंदिर राजगढ़ मंदिर के ज्योतिषाचार्य पुरूषोत्तमजी भारद्वाज ने कन्याओं का पूजन कर कन्याओं को उपहार भेंट किए गए। कन्या भोज के बाद महाप्रसादी प्रारंभ की गई। इस अवसर पर ज्योतिषाचार्य पुरुषोत्तम भारद्वाज ने कहा कि प्रतिष्ठा महोत्सव का यह भव्य और अद्भुत आयोजन हो रहा है। इसमें केवल प्रतिमा ही नहीं बल्कि हर घर की, हर परिवार की, बच्चे से लेकर वृद्ध तक की प्रतिष्ठा आज हुई है। जिसमें विशेष बात यह है कि पुरे गांव ने एक ही जाजम पर बैठकर भोजन किया जो भगवान के विराट स्वरूप के दर्शन जैसा है।

प्रतिमाओं का हुआ नगर भ्रमण

प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत भव्य रूप से चल समारोह निकाला गया। जिसमें मुख्य रूप से बालीपुर धाम के श्री श्री 1008 योगेश जी महाराज शामिल हुए। चल समारोह आयोजन स्थल से प्रारंभ हुआ। चल समारोह में घोड़े पर धर्मध्वजा हाथों में लेकर युवा सवार थे। डीजे पर युवाओं ने नृत्य करते हुए और बैंड-बाजों पर महिलाएं और युवतियां गरबा खेलते हुए चल रही थी।

एक सुसज्जित बग्गी में बालीपुरा धाम के योगेशजी महाराज विराजित थे जो ग्रामीणों का अभिवादन स्वीकारते हुए चल रहे थे। वहीं पीछे एक रथ में यज्ञाचार्य पं. प्रवीण शर्मा बरमंडल और कथा वाचक पं. सुनील शर्मा विराजित थे। एक रथ में भगवान की प्रतिमाओं को हाथों में लेकर लाभार्थी परिवार बैठा हुआ था। चल समारोह का गांव में अनेक स्थानों पर पुष वर्षा कर स्वागत किया गया। गांव में भ्रमण कर चल समारोह पुनः आयोजन स्थल पर पहुंचा। जहां गुरु आरती की गई।

इस अवसर पर बालीपुर धाम के योगेश जी महाराज ने कहा कि धर्म के प्रति अपना श्रद्धा हमेशा इसी तरह बनाकर रखना है। मंदिर बना है तो प्रतिदिन पूजा पाठ और दर्शन वंदन करना है। हमारी आदीवासी संस्कृति और सभ्यता को हमेशा इसी तरह बनाकर रखना है। बच्चों को शिक्षा के साथ ही संस्कार भी जरूर दें।