आंखों के सामने डूबे घर-खेत, सब चकनाचूर हो गया:धार में 304 करोड़ के लीकेज वाले डैम ने दिया दर्द; पीड़ित बोले- 4 दिन डर में जिए...

राजीव तिवारी/पीयूष कुमार (धार)3 महीने पहले

गुरुवार का दिन था... गांव में दौड़ती गाड़ियां हमारे जीवन में आफत की खबर लेकर आईं। पता चला कारम डैम फूटने वाला है... पानी जोरों से निकल रहा रहा है। माइक पर कह रहे थे, जल्दी से गांव खाली कर दो... पुलिसवाले भी हमें भगा रहे थे। हमें कुछ समझ नहीं आया क्या करें... जहां लगा बच जाएंगे, वहां भागकर चढ़ गए। कुछ लोग राहत कैंप में चले गए, कुछ लोग पहाड़ी पर... मैं भी अपने दो बच्चे और पत्नी को लेकर पहाड़ी पर चढ़ गया। तीन दिन बाद जब उतरा तो सपने चकनाचूर हो चुके थे। घर बह चुका था... फसल नष्ट हो चुकी थी। खेत में फसल नहीं पत्थर दिख रहे थे। - यह दर्द है जहांगीरपुरा गांव के रहने वाले 48 साल के जयसिंह का।

जयसिंह ने मंगलवार को अपनी पीड़ा पूर्व सीएम कमलनाथ को भी सुनाई। वे बोले - कमलनाथ जी आए थे। मैंने उसने कहा - डैम के पानी ने हमें बर्बाद कर दिया है। 8 बीघा खेती खड़ी थी, जिसमें आधे में मक्का और आधे में कपास बोया था। जो पूरी तरह से नष्ट हो गई है। खेत को देखने से पता चलता है कि अब यहां कुछ नहीं पकेगा, क्योंकि पानी उपजाऊ मिट्‌टी अपने साथ बहा ले गया और पीछे पत्थर छोड़ गया। मेरा मकान भी बह गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुटीर अलॉट हुआ था। जिसका 20 दिन पहले ही काम शुरू करवाया था। पानी में गिट्‌टी सीमेंट, सरिए समेत सारा सामान बह गया। अब वह घर भी खड़ा नहीं हो सकता। हालात यह हो गए हैं कि दो बच्चे और पत्नी को परिवार समेत खुले में रहना पड़ रहा है।

डैम का सर्वे करने पहुंचे पूर्व सीएम कमलनाथ से पीड़ित जयसिंह ने अपना दर्द साझा किया।
डैम का सर्वे करने पहुंचे पूर्व सीएम कमलनाथ से पीड़ित जयसिंह ने अपना दर्द साझा किया।

8 बीघा जमीन पर खड़ी फसल नष्ट हुई: मदन नारायण
गांव के ही मदन नारायण कहते हैं 8 बीघा जमीन पर खड़ी फसल अब नजर नहीं आ रही है... बस दिख रहे हैं तो खेत पर छोटे-बड़े पत्थर। जीवन भी इन्हीं पत्थरों जैसा हो गया है। चार दिन तक डर में जिए... हर कोई घर छोड़कर बस जान बचाने में जुटा रहा। जब वापस घर आए तो सबकुछ पानी-पानी था। घर पर पानी क्या घुसा, राशन, कपड़े सबकुछ बहाकर ले गया। कुछ समय पहले ही तो सौंफ, कपास और मक्का बोया था। चार दिन पहले तक फसल लहलहा रही थी। अब खेत में पत्थर ही पत्थर दिख रहे हैं। सुरेश कुमार कहते हैं डैम के पानी ने हमें कहीं का नहीं छोड़ा। पानी के साथ हमारी मेहनत भी बह गई।

जय सिंह ने 8 बीघा जमीन पर कपास और मक्का बोया था, अब वह नष्ट हो चुका है।
जय सिंह ने 8 बीघा जमीन पर कपास और मक्का बोया था, अब वह नष्ट हो चुका है।
डैम के पानी से खेतों को नुकसान हुआ है। पशुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
डैम के पानी से खेतों को नुकसान हुआ है। पशुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है।

पहाड़ पर बैठी सब देख रही थी: लक्ष्मी
लक्ष्मी कहती है... अनाउंसमेंट के बाद हम जान बचाने के लिए पहाड़ी पर भागकर चले गए थे। पानी का बहाव आया और हमारी आंखों के सामने हमारे घर और खेत को डुबो गया। सौंफ, कपास और मक्का को खलिहान पहुंचना था, पर वह पानी में बह गया। अब वह सपना ही रह गया। खेत ऐसे हो गए हैं कि अब फसल क्या होगी उसमें। उस पल को याद नहीं करना चाहती। सोचते हैं तो बहुत दुख होता है।

लक्ष्मी ने बताया कि खेत पर अब सिर्फ पत्थर ही नजर आ रहे हैं। यहां अब क्या खेती होगी।
लक्ष्मी ने बताया कि खेत पर अब सिर्फ पत्थर ही नजर आ रहे हैं। यहां अब क्या खेती होगी।

कमलनाथ ने प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वे
मंगलवार को पूर्व सीएम कमलनाथ धार के कारम डैम पहुंचे। यहां उन्होंने डैम का निरीक्षण किया और फिर प्रभावितों से बात की। उन्होंने शिवराज सरकार पर जमकर हमला बोला। डैम बनाने में ठेके पर ठेके चले। आज पंचायत से लेकर मंत्रालय तक भ्रष्टाचार पसरा पड़ा है। भ्रष्टाचार को लेकर जन-जन तक बात पहुंचाई जाएगी और आंदोलन किया जाएगा। कारम डैम पर तीन मंत्रियों की मौजूदगी पर बोले- भाजपा की सरकार भ्रष्टाचार करके उसे इवेंट का रूप दे देती है। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार की बाढ़ आई है और भ्रष्टाचार की दीमक लगी है। कमलनाथ ने मीडिया से कहा - पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। भ्रष्टाचार को लेकर जन-जन तक बात पहुंचाई जाएगी और आंदोलन किया जाएगा। पूरी खबर पढ़िए

कमलनाथ ने टूटे हुए बांध को देखकर कहा - यह शिवराज सरकार के भ्रष्टाचार का प्रमाण है।
कमलनाथ ने टूटे हुए बांध को देखकर कहा - यह शिवराज सरकार के भ्रष्टाचार का प्रमाण है।

बांध में रिसाव शुरू हुआ, फिर दीवार तोड़नी पड़ी
कोठिदा गांव में कारम नदी पर 304 करोड़ रुपए की लागत से डैम का निर्माण किया जा रहा है। यह बांध करीब-करीब बनकर तैयार हो चुका था। 10 अगस्त को बांध में लीकेज की खबर आई। इसके बाद हड़कंप मच गया। प्रशासन ने धार जिले के 12 और खरगोन जिले के 6 गांवों को खाली करवाने के निर्देश दिए। 14 अगस्त को बांध की एक साइड की दीवार को काटा गया, पानी ने धीरे-धीरे रास्ता बनाया, जिस कारण दीवार का बड़ा हिस्सा ढह गया। बांध का पानी कारम नदी से होते हुए नर्मदा में जाकर मिल गया। इस दौरान कुछ गांवों में नुकसानी हुई।

4 साल पहले बांध का शिलान्यास हुआ था
कोठिदा गांव में कारम मध्यम सिंचाई परियोजना का शिलान्यास एवं भूमिपूजन चार साल पहले जिले के तत्कालीन प्रभारी मंत्री अंतर सिंह आर्य ने किया था। डैम का निर्माण दिल्ली की कपंनी एओएस कंस्ट्रक्शन प्रा.लि. कर रही है। 10 अक्टूबर 2018 से बन रहे इस डैम को 36 महीने में बनकर पूरा होना था। हालांकि कोरोना काल के चलते दो साल इसका काम बंद रहा। डैम का जल संग्रहण क्षेत्र 183.83 वर्ग किमी का होकर बांध की लंबाई 564 मीटर होकर चौड़ाई 6 मीटर है। जल भरण क्षमता 43.98 मीट्रिक घन मीटर रखी जाना है, लेकिन डैम में लीकेज होने के बाद दीवार काे काटकर पानी काे बहाया गया है।

कारम डैम से पानी निकालने के लिए बनाई नहर से अचानक बहाव तेज हो गया था।
कारम डैम से पानी निकालने के लिए बनाई नहर से अचानक बहाव तेज हो गया था।

कांग्रेस और सरकार ने अपनी-अपनी बनाई जांच समिति
कांग्रेस की तरफ से आठ सदस्‍यीय दल बनाया गया है, जिसमें धार जिलाध्‍यक्ष बालमुकुंद सिंह गौतम, गंधवानी विधायक उमंग सिंघार, कुक्षी विधायक सुरेंद्र सिंह हनी बघेल, इंदौर विधायक संजय शुक्‍ला, देपालपुर विधायक विशाल, सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल, धरमपुरी विधायक पांचीलाल मेड़ा, मनावर विधायक हीरालाल अलावा को शामिल किया गया था, सभी सदस्य निरीक्षण कर डैम की स्थिति देख चुके हैं। इस टीम ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

डैम से पानी का बहाव तेज होने पर गांवों में अफरा-तफरी मच गई थी।
डैम से पानी का बहाव तेज होने पर गांवों में अफरा-तफरी मच गई थी।

सरकार ने भी जांच कमेटी बनाई

वहीं, सरकार की ओर से भी चार सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है, जो पांच दिन में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। कमेटी में जल संसाधन विभाग के अपर सचिव आशीष कुमार को अध्यक्ष बनाया गया है। सदस्यों में वैज्ञानिक डॉ. राहुल कुमार जायसवाल, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान भोपाल, दीपक सातपुते, मुख्य अभियंता, ब्यूरो ऑफ डिजाइन एंड हायडल जल संसाधन विभाग और अनिल सिंह, संचालक बांध सुरक्षा बोधी भोपाल टीम के सदस्य होंगे।

डैम से अब पानी का बहाव कम हो गया है।
डैम से अब पानी का बहाव कम हो गया है।

ये भी पढ़ें