दो मटके से ज्यादा पानी भरा तो जुर्माना:डिंडौरी में रोज के झगड़ों से निपटने के लिए पंचायत ने कराई मुनादी

डिंडौरी2 महीने पहले

डिंडौरी में गहराते जलसंकट और पानी के लिए लगने वाली लंबी-लंबी लाइनों से निपटने के लिए एक ग्राम पंचायत ने अनोखा तरीका निकाला है। दरअसल पंचायत ने गांव में मुनादी करा दी है कि हैंडपंप पर पानी भरने के लिए आने वाले ग्रामीण अपने साथ सिर्फ दो मटके ही लेकर आएं। इससे ज्यादा बर्तन या डिब्बे लेकर आने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। इस मुनादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

ये मामला डिंडौरी जनपद क्षेत्र के अझवार माल गांव का है। गर्मी का मौसम आते ही इलाके में जलसंकट गहराने लगा है। ऐसे में हैंडपंप और कुओं समेत सभी जलस्रोतों पर सभी जगह पानी भरने के लिए महिलाओं की लंबी-लंबी लाइनें लगने लगती है। कई बार तो इसके लिए लंबा इंतजार भी करना पड़ता है, लेकिन तब भी पानी नहीं मिल पाता। ऐसे में इस समस्या से निपटने के लिए ग्राम पंचायत ने ग्रामीणों के साथ एक बैठक की और सबको बराबर मात्रा में पानी उपलब्ध कराने के लिए सबकी सहमति से ये व्यवस्था बनाई।

अधिकारी भी कर रहे तारीफ
एक व्यक्ति-दो मटके पानी की व्यवस्था को लागू करने के लिए ही गांव में मुनादी कराई जा रही है, ताकि सबको पानी भरने का मौका मिल सके। जिसकी तारीफ अब जिले के अधिकारी कर रहे है। इस मामले में पीएचई के प्रभारी एग्जिक्यूटिव इंजीनियर शिवम सिन्हा का कहना है कि यह ग्राम पंचायत की व्यवस्था है। पानी का सही तरीके से उपयोग करेंगे, किसी को समस्या नहीं होगी।

सरपंच ने बताई मुनादी की वजह
ग्राम पंचायत सरपंच भगत सिंह सांड्या ने इस व्यवस्था को शुरू करने का कारण बताते हुए कहा कि गांव में पानी की कमी है। ऐसे में लोग बहुत सारे डिब्बे लेकर पानी भरने आ जाते हैं, और जब तक उन सबमें पानी नहीं भर लेते तब तक किसी और को पानी नहीं भरने देते।

ऐसे में कई बार ग्रामीणों को खाली हाथ लौटना पड़ता है, साथ ही किसी जरूरतमंद को भी पानी नहीं मिल पाता। इसलिए गांव के लोगों के साथ बैठकर यह निर्णय लिया गया है। ताकि सभी को बराबर पानी मिल सके। इसके अलावा जंहा पानी की ज्यादा समस्या है, वहां टैंकरों के माध्यम से पानी सप्लाई की जा रही है।

हैंडपंप की रखवाली के लिए भी लगाई ड्यूटी
आठ सौ की आबादी वाले इस गांव में मुनादी करने के लिए कमोद झारिया नामक व्यक्ति की ड्यूटी लगाई गई है। वह गांव की गलियों में घूम-घूम कर ग्रामीणों को समझाइश देता है कि सब दो-दो डिब्बा लेकर ही हैंडपंप जाएं और पानी लेकर आए। इसके बाद मौका मिले तो दोबारा भर लें। साथ ही वो इस बात की निगरानी भी करता है कि कौन कितने डिब्बे पानी भरने आया है। इसकी सूचना ग्राम पंचायत को दी जाती है। हालांकि पीएचई विभाग की तरफ से पानी की कमी को दूर करने कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।

पीएचई विभाग के प्रभारी एक्सक्यूटिव इंजीनियर अझवार पहुंचे

इस मामले से अवगत होकर देर रात लगभग साढ़े बारह बजे पीएचई विभाग के प्रभारी एक्सक्यूटिव इंजीनियर शिवम सिन्हा अपने कर्मचारियों के साथ अझवार ग्राम पहुंचे।

उन्होंने गांव में लगे हैंडपंपों को खुद चलाकर पानी चेक किया और बताया कि गांव में 7 हैंडपंप में से 6 चालू मिले है, एक बंद है। इसके अलावा गांव में तीन कुएं भी है, जिनसे ग्रामीण पानी भर रहे है। गांव में नल जल योजना के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है।