अनिश्चितकालीन हड़ताल:आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने आक्रोश और गुरुजियाें ने निकाली स्मरण रैली

कुंभराज12 दिन पहले
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आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर सैकडों की संख्या में शिक्षक अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है। विगत 15 सितंबर से शिक्षक जिले के विभिन्न विकास खंडों में धरना स्थल पर एकत्रित हो रहे हैं। जिलाध्यक्ष कृष्ण गोपाल टेलर ने बताया कि हड़ताल के दौरान विभिन्न विकास खंडों में आक्रोश रैली का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को सैकड़ों की संख्या में शिक्षक एकत्रित होकर कुंभराज में शिव टेकरी से होकर नगर के मुख्य मार्गों से तहसील परिसर तक रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम अपनी लंबित मांगों के लिए ज्ञापन दिया।

जिलाध्यक्ष ने बताया कि सोमवार को चांचौड़ा में एक विशाल आक्रोश रैली का आयोजन किया जाएगा। मंगलवार को गुना विकासखंड के शिक्षकों द्वारा, बुधवार को आरोन विकासखंड में गुरुवार को राघौगढ़ विकास खंड में, शुक्रवार को बमोरी में इसी प्रकार की आक्रोश रैली निकालकर सरकार की द्वेषपूर्ण नीतियों का विरोध किया जाएगा और अपनी लंबित मांगों के निराकरण होने तक इसी प्रकार अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।

यह रखीं मांगें
अध्यापक शिक्षक संवर्ग को पुराने शिक्षक संवर्ग की भांति पुरानी पेंशन लागू की जाए। विगत वर्षों में दिवंगत अध्यापक शिक्षक संवर्ग के आश्रित परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए। वर्ष 2006 से 2009 में नियुक्त अध्यापक शिक्षक संवर्ग को प्रथम क्रमोन्नत, समयमान वेतनमान एवं 1998-99 तथा 2001-02 में नियुक्त अध्यापक शिक्षक संवर्ग के शिक्षकों को द्वितीय क्रमोन्नत, समयमान वेतनमान के आदेश दिए जाएं। गुरुजी संवर्ग के अध्यापक शिक्षक संवर्ग को शिक्षा गारंटी शाला से प्राथमिक शाला में उन्नयन दिनांक से वरिष्ठता का लाभ प्रदान किया जाए।

प्रदेश के सभी विभागों के शासकीय कर्मचारियों की 1 अप्रैल की स्थिति में विभागीय वरिष्ठता सूची जारी करने सहित अन्य मांग शामिल हैं। बमोरी में गुरुजी संयुक्त मोर्चा ने तहसीलदार को साैंपा ज्ञापन: बमोरी में गुरुजी संयुक्त मोर्चा ने बमोरी तहसील मुख्यालय पर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। कस्बे के सर्किट हाउस परिसर में गुरुजी संयुक्त मोर्चा संघ ने अपनी मांगों को लेकर बैठक आयोजित की जिसके बाद रैली के माध्यम से तहसील कार्यालय पहुंचे जहां पर उन्होंने आरआई राम रतनलाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया है कि 21 जनवरी 2018 को प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने निवास पर आयोजित अध्यापक सम्मेलन में शिक्षा विभाग के साथ ही गुरुजी संवर्ग के शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता दी जाने की घोषणा की थी पर 4 साल गुजर जाने के बाद भी आज तक इसके आदेश जारी नहीं किए गए। इसकी वजह से गुरुजियों को दो क्रमोन्नति की पात्रता का लाभ नहीं मिल पा रहा।

इसके लिए उन्होंने मप्र सरकार पर कर्मचारियों का हनन बताया साथ ही उन्होंने कहा कि संविदा संवर्ग में संविलियन के लिए गुरुजी बने वर्ष 2014 में पात्रता परीक्षा पास की बावजूद इसके मप्र के 2 जिलों के करीब 500 गुरुजियों को आज भी 3600 रुपए का न्यूनतम मानदेय दिया जा रहा है जिससे उनके परिवार का भरण पोषण कर पाना मुश्किल हो रहा है एवं मानसिक तनाव से गुजरना पड़ रहा है इसके लिए इन शिक्षकों को संविदा वर्ग 3 सहायक अध्यापक का दर्जा देकर प्राथमिक शिक्षक बनाया जाएं।

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