• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Guna
  • Kumbhraj
  • The Farmer In The Line Of Fertilizer Suddenly Fell, Family Members Who Came From 5 Km Away Were Taken To The Hospital, Died

किसान की मौत:खाद की लाइन में लगा किसान अचानक गिरा, 5 किमी दूर से आए परिजन अस्पताल ले गए, मौत

कुंभराजएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कुंभराज स्थित सहकारी साेसायटी पर खाद लेने लाइन में लगा एक किसान अचानक बेसुध होकर गिर गया। वहां मौजूद 200-250 किसानों और समिति के कर्मचारियों से किसी ने भी अस्पताल या पुलिस को सूचना नहीं दी। ज्यादातर लोग तो लाइन में ही लगे रहे। वहीं कुछ यही अंदाजा लगाते रहे कि बेहोश होकर गिरा किसान जिंदा है या मर गया। उनमें से किसी ने किसान के थैले में से कागजात निकालकर उसके परिजन को फोन पर सूचना दी। 5 किमी दूर गोल्याहेड़ा गांव से परिजन मौके पर पहुंचे।

वे किसी तरह किसान को अस्पताल ले गए। हालांकि तब तक देर हो चुकी थी। डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किसान का नाम राम प्रसाद पुत्र गोपाल कुशवाह (38 साल) निवासी गोल्याहेड़ा बताया जाता है। एक परिजन चंदन सिंह कुशवाह ने बताया कि राम प्रसाद दो दिन से खाद के लिए परेशान हो रहे थे। शुक्रवार को वे सुबह साढ़े 8 बजे ही रवाना हो गए। वे साथ में दो बोरी उड़द ले गए थे, जिसे बेचकर वे खाद खरीदने वाले थे।

दो बीघा जमीन के लिए करना था खाद का इंतजाम

मृतक के पास मुश्किल से डेढ़-दो बीघा जमीन है। सीजन में वह कोई न कोई फसल बो देते थे। बाकी घर का खर्च तो मजदूरी करके ही चलता था। थोड़ी जमीन के लिए मुश्किल से एक-दो बोरी खाद की जरूरत थी। सिर्फ उतने इंतजाम के लिए उन्हें अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। उनके परिवार में पत्नी के अलावा 18 व 19 साल आयु के दो बेटे हैं।

सोसायटियों पर नकद में खाद मिलने का दावा खोखला

हाल ही में प्रशासन ने दावा किया था कि गांव की सोसायटियों पर खाद उपलब्ध कराई जा रही है। जहां से किसान नकद पैसा देकर इसे ले सकते हैं। प्रशासन का यह भी दावा था कि इसके लिए खासतौर पर अनुमति ली गई है। पर ज्यादातर जगहों पर किसानों को खाद के लिए विपणन संघ के डबल लॉक भंडारन केंद्रों पर ही जाना पड़ रहा है। ऐसे केंद्रों की संख्या 7 से 8 ही है।

कलेक्टर ने कहा- गांव में ही मिल रही है खाद

किसान की मौत के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मृतक के परिजनों को 1.20 लाख की मदद मंजूर की गई। प्रशासन की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया कि किसान की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई। कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए. ने दावा किया कि जिले की 86 सोसायटियों में अब तक 2849 टन डीएपी पहुंचा दी गई है, जिसमें से 1893 टन वितरित भी हो गई। बहरहाल जानकारों का कहना है कि अगर सोसायटियों में खाद मिल रही है तो वितरण केंद्रों पर किसानों की इतनी भीड़ क्यों लग रही है।

खबरें और भी हैं...