गुना में लोन के नाम पर 55 लोगों से धोखाधड़ी:आरोप- ऑनलाइन फ्रॉड के लिए हो रहा खातों के इस्तेमाल; जानिए पूरा मामला

गुना2 महीने पहले
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मृगवास थाने में FIR दर्ज की गई है। - Dainik Bhaskar
मृगवास थाने में FIR दर्ज की गई है।

जिले के मृगवास इलाके में लोन दिलाने के नाम पर 55 लोगों से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। तीन युवकों ने मिलकर इन सभी से लगभग 3.3 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। आरोपियों ने इन्हें 3 लाख रुपये का लोन दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी की। इन सभी को शक है कि उनके खातों के इस्तेमाल ऑनलाइन फ्रॉड के लिए किया जा रहा है। पुलिस ने दो नामजद और अज्ञात आरोपियों पर मामला दर्ज करलिया है।

यह है मामलाझिरी गांव के रहने वाले सागर सिंह(46) पुत्र वंशीलाल गुर्जर उम्र 46 साल निवासी झिरी ने बताया कि "करीब दो महीने पहले की बात है। नाथूपुरा के ललित मीना, सोनू मीना हमारे गाँव झिरी आए। मुझसे बोले कि तुम छः हजार रूपये मुझे दे दो और मैं तुम्हारा एक्सेस बैंक में खाता खुलवा दूँगा। जिससे तुमको तीन लाख रूपये लोन मिल जाएगा। लोन मिलने के बाद तुम मुझको छः हजार रूपये और दे देना। फिर मैं ललित मीना, सोनू मीना के साथ एक्सेस बैंक राघौगढ चला गया।

ललित, सोनू मीना ने मेरा एक्सेस बैंक में खाता खुलवा दिया। ललित ने मुझे एक मोबाईल नंबर दिया और मुझसे बोला कि अपने खाते में इस नंबर को ही जुड़वाना। ललित के कहने से यह नंबर खाता खुलवाते समय जुडवा दिया था। ललित ने मुझे खाता खुलवाने के कोई कागजात नहीं दिये और बोला कि जिस दिन तुम्हारा लोन पास हो जाएगा उस दिन तुमको खाते की पासवुक, एटीएम कार्ड, चैकबुक दे देंगे। मैंने कई बार ललित से कहा कि मुझको अभी तक लोन क्यों नही मिला तो वह इधर-उधर की बातें करने लगा। आज तक मुझे लोन नहीं मिला।

भाई का एकाउंट हो गया होल्ड

सागर ने बताया कि "मैंने तलाश की तो पता चला की ललित और सोनू ने मेरे भाई भूरालाल पुत्र वंशीलाल गुर्जर का भी एक्सिस बैंक में खाता खुलवाया है, जिसकी चैक बुक ललित और सोनू ने मेरे भाई को दे दी है। मेरे भाई का खाता खुलवाते समय भी ललित और सोनू ने मेरे भाई का नंबर उस खाता में नहीं जुड़वाया था। बाद में मेरे भाई ने बैंक जाकर अपने खाता में अपना नंबर जुड़वाया। उसने बैंक में जाकर पता किया तो उसे बताया कि उसके बैंक में से 6 हजार रूपये निकले हैं। नंबर जुड़वाने के बाद उसके मोबाईल पर पैसे निकलने और डलने के मैसेज भी आये हैं। बैंक वालों ने मेरे भाई को बताया कि उसके खाते को सीबीआई द्वारा होल्ड कर दिया है, तो उसमें से अब पैसे नहीं निकल पायेंगे।

55 लोगों के खुलवाए खाते

सागर ने बताया कि "मैंने और मेरे भाई ने पता किया तो पता चला कि इसी तरह सम्पतराम गुर्जर, रामसिंह गुर्जर, सुरेश गुर्जर, गुड्डू बंजारा, लालचंद गुर्जर, राजाराम गुर्जर निवासी कैकडीवीरान, प्रभुलाल गुर्जर नि.कराडया, मोटा गुर्जर निवासी मोतीपुरा, प्रहलाद सिंह गुर्जर निवासी गोरधनपुरा राजस्थान, हेमराज बंजारा निवासी पागडीघटा, रामचरण गुर्जर, सोनारायण गुर्जर, जगदीश गुर्जर, राजाराम गुर्जर, ओमप्रकाश गुर्जर निवासी बंजारीकला, समंदरसिंह गुर्जर, लखमीचंद गुर्जर, बहादुर गुर्जर, करनसिंह गुर्जर, श्रीसिंह गुर्जर निवासी खेडीआवा, महेन्द्र गुर्जर, हंसराज गुर्जर, रमेश गुर्जर, राजाराम गुर्जर, चम्पालाल गुर्जर, नवल गुर्जर, सोनाराम गुर्जर निवासी चक कैकडीवीरान, भामा बंजारा, गुड्डूलाल बंजारा, रमेश गुर्जर, रामप्रसाद गुर्जर निवासी दाँत जोगीपुरा, प्रेमा बंजारा, हजारी बंजारा, तोपानसिंह बंजारा, पप्पू बंजारा, कालूराम बंजारा, फूलसिंह बंजारा, बाबूलाल बंजारा, गब्बालाल बंजारा निवासी करमोदिया, प्रेमसिंह बंजारा, नैनाभाया बंजारा, हरभजन बंजारा निवासी आम्बेह, भूरालाल गुर्जर, लीमसिंह गुर्जर, सुमेर सिंह गुर्जर, प्रताप गुर्जर, घमण्डी गुर्जर, सागर सिंह गुर्जर निवासी झिरी, बापूलाल गुर्जर, राकेश गुर्जर, राजेन्द्र गुर्जर मांगरौन से भी 6-6 हजार रुपये लेकर धोखाधड़ी की है।"

दो नामजद सहित अज्ञात पर FIR

इन सभी लोगों को भी लोन का झाँसा देकर सोनू और ललित मीना ने अलग-अलग बैंको मे खाते खुलवाये हैं। उनके नंबर उनके खाते में नहीं जुड़वाये हैं। फिर हम सब लोगों को पता चला कि हमारे साथ ललित और सोनू ने अपने साथियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी कर सभी के खाते में जमा छः छः हजार रूपये निकाल लिये हैं एवं कई बार हमारे खातों में पैसे डाले व निकाले जा रहे हैं। हमें संदेह है कि हमारे खातों का उपयोग ऑनलाईन होने वाले फ्रॉड के पैसे डलवाने व निकलवाने के लिये किया जा रहा है। पुलिस ने उसकी शिकायत पर आरोपी ललित मीना, सोनू मीना और एक अज्ञात आरोपी पर धोखाधड़ी की धाराओं में FIR दर्ज की है।