बंगाल से ला रहा था खेप:टायर बनाने वाली रबर में छिपाकर रखा 2 करोड़ का 750 किलो गांजा पकड़ा

गुना2 महीने पहले
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रविवार को पुलिस ने बाइपास पर एक ट्रक से 450 किलो गांजा पकड़ा। इसकी कीमत 2 करोड़ रुपए बताई जा रही थी। एसपी पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक कैंट पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्वालियर की ओर से आ रहे ट्रक क्रमांक आरजे 09 जीसी 7772 में नशीले पदार्थ होने की सूचना मिली थी। इसके बाद तड़के ही उन्होंने दूरदर्शन केंद्र के सामने नाकाबंदी कर दी। ट्रक को रोका गया तो उसमें ड्राइवर के अलावा कोई नहीं मिला। उसने अपना नाम बद्रीलाल पुत्र गंगाराम यादव (41 साल) निवासी ग्राम रतनखेड़ी जिला आगर बताया।

नशीले पदार्थों के बड़े नेटवर्क का हो सकता है खुलाशा
पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली तो उसमें टायर बनाने में इस्तेमाल होने वाली रबर मिली। जब बारीकी से पड़ताल की गई तो उनके बीच में छिपाकर रखे गए परिष्कृत गांजे के 75 पैकेट मिले। कैंट थाना प्रभारी विनोद सिंह छाबई ने बताया कि इस मामले में नशीले पदार्थों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। हम पता लगा रहे हैं कि यह पूरा माल कहां से लिया गया और कहां ले जा रहा था।

गांजे की महक दबाने के लिए की मजबूत पैकिंग
जानकारों के मुताबिक गांजे से बहुत तीखी महक आती है। इसके जानकार इसे आसानी से पहचान जाते हैं। इसलिए तस्करी में यह ख्याल रखा जाता है कि इसकी पेकिंग बहुत सटीक तरीके से की जाए। ट्रक में जब्त किए गए गांजे के पैकेट इसी तरह बनाए गए थे। पॉलिथीन की कई परतों वाले पैकेट में गांजा रखा था। रबर का मटेरियल भी संभवत: इसे व इसकी गंध को छिपाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

पश्चिम बंगाल से लाया जा रहा था गांजा..!
सूत्र बताते हैं कि शुरुआती पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल से चला था। हालांकि अभी इसकी और पड़ताल होना बाकी है। इसके बावजूद यह एक प्रबल संभावना हो सकती है। क्योंकि बंगाल से सटे उड़ीसा में गांजे की बड़े पैमाने पर अवैध खेती होती है। खासतौर पर वहां के नक्सल प्रभावित इलाकों में। इसलिए उस पर रोकथाम करना भी आसान नहीं होता है।

कार्रवाई करने वाली टीम में यह थे शामिल

कैंट थाना प्रभारी के अलावा अरविंद सिंह गौर, वीरेंद्र सिंह चौहान, वासुदेव राव, रानू रघुवंशी, गौरीशंकर सांसी, जितेंद्र वर्मा, सागर आरके, राजकुमार रघुवंशी, देवेंद्र धाकरे, शाहरुख खान।

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