भास्कर एक्सक्लूसिववो VIDEO जिसमें छात्रा को कार में लेकर घूमते रहे:बेहोश लड़की से करते रहे छेड़छाड़; खुद को निर्दोष बताने वाला चला रहा कार

गुनाएक महीने पहलेलेखक: आशीष रघुवंशी

गुना गैंगरेप केस का एक और VIDEO दैनिक भास्कर को मिला है। ये VIDEO कार के अंदर का है। छात्रा को इसी कार से ले जाया गया था। खुद को निर्दोष बताने वाला आरोपी रामजीवन मीना कार ड्राइव कर रहा है। पीछे की सीट पर मुख्य आरोपी (नाबालिग) छात्रा के साथ बैठा है। वह बेसुध छात्रा के साथ गंदी हरकत कर रहा है। उसके गाल पर हाथ मारकर होश में लाने की कोशिश भी कर रहा है। एक अन्य नाबालिग आरोपी ने ये VIDEO बनाया है। ये वीडियो आरोपियों ने अपने फ्रेंड सर्किल में शेयर भी किया।

गुना के चांचौड़ा इलाके में शुक्रवार को 15 साल की छात्रा से गैंगरेप हुआ था। छात्रा एक मकान में बेहोश मिली थी। अस्पताल में भर्ती पीड़ित छात्रा अभी भी बदहवास है। अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोपियों में 2 नाबालिग हैं। एक आरोपी फरार है। इधर, दो आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए VIDEO जारी किए हैं।

अब तक कुल मिलाकर 3 आरोपियों के गिड़गिड़ाते और खुद को निर्दोष बताते हुए VIDEO सामने आ चुके हैं। तीनों अपने बचाव में अलग-अलग दावे कर रहे हैं। दैनिक भास्कर ने इनके दावे और कार वाले VIDEO की पड़ताल की। इसमें क्या कुछ निकलकर आया इससे पहले जान लेते हैं तीनों की अपने बचाव में सफाई...

आरोपी रामजीवन का बयान, मैं तो मदद करने गया था...

रविवार को गिरफ्तारी से पहले आरोपी रामजीवन मीना का VIDEO सामने आया। उसने अपने बचाव में कहा है, दोस्त (नाबालिग) ने उसे कॉल कर मदद करने के लिए बुलाया था। बोला था कि फ्रेंड (जिस छात्रा से गैंगरेप किया गया) की तबीयत खराब है। उसे डॉक्टर के पास ले जाना है, इसलिए मैं अपनी कार लेकर पहुंचा था। इस दौरान हम दो बार बीनागंज से ब्यावरा गए, लेकिन कोई जान-पहचान का डॉक्टर नहीं मिलने के कारण वापस बीनागंज आ गए। कार में दोस्त, उसकी फ्रेंड और उनका एक दोस्त और था। इस दोस्त को मैं नहीं जानता। बीनागंज में इन तीनों को एक मकान (जिसे प्रशासन ने तोड़ दिया) पर उतारकर चला गया था। मैं तो सिर्फ मदद करने गया था।

आरोपी अभिषेक मीना बोला, अपने रूम पहुंचा तो लड़की सो रही थी...
दूसरे आरोपी अभिषेक मीना ने भी अपनी सफाई में VIDEO जारी किया। इसके कुछ देर बाद ही उसे पुलिस ने गुना से गिरफ्तार कर लिया था। VIDEO में उसने कहा, मुझे पता चला है कि चांचौड़ा की घटना में पुलिस ने मेरे परिवार से पूछताछ की। इसमें मेरा भी नाम आ रहा है। मेरा इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। मैं उस मकान (जहां छात्रा बेहोश मिली थी) में किराए से रहता हूं। मैं कैफे पर बैठा था, जहां दोस्त (नाबालिग) की गाड़ी मुझसे खराब हो गई थी। मैंने कहा कि इसे सुधरवा दूंगा, इसलिए उसकी गाड़ी को अपने मकान में रख लिया था। उसने मुझसे मकान की चाबी मांगी तो मुझे लगा कि वो गाड़ी ले जाएगा। नहीं पता कि वो रूम पर कब लड़की ले गया। मैं मकान पर पहुंचा, तो लड़की रूम में सो रही थी। मैंने दोस्त से पूछा कि ये क्या है? लड़की मर जाएगी, इसकी हालत देखो, इसे यहां से ले जाओ, मैं कुछ नहीं जानता...। वो बोला- भाई बस 2 मिनिट, ले जा रहे हैं, फिर मैं वहां से चला गया...।

आरोपी सुमित मीना का दावा, मेरा तो सिर्फ उस मकान में बैग रखा था...
सोमवार को ही तीसरे आरोपी सुमित मीना का VIDEO सामने आया। सुमित अभिषेक का चचेरा भाई है। उसने VIDEO में कहा, मैं हिंगोना से हूं। मेरा कोई कुसूर नहीं है। मुझे फंसाया गया है। बस मेरा बैग रखा था उस मकान में...। इसमें मेरे डॉक्यूमेंट थे, इस वजह से मुझे फंसाया गया है। मुझे कुछ भी पता नहीं है। मेरे घरवालों को परेशान मत करो और मेरा घर मत तोड़ो। जब तक लड़की मुझे नहीं पहचाने और मेरा नाम नहीं ले, तब तक मेरा घर मत तोड़ो, नहीं तो मैं आत्महत्या कर लूंगा। मैं कल पेश हो जाऊंगा थाने में।

आरोपी सुमित मीना और उसका चचेरा भाई अभिषेक मीना। अभिषेक के ही रूम पर छात्रा बेहोश मिली थी। सुमित अभी भी फरार है। अभिषेक और सुमित दोनों ने वीडियो जारी कर खुद को बेगुनाह बताया है। अभी तक 6 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
आरोपी सुमित मीना और उसका चचेरा भाई अभिषेक मीना। अभिषेक के ही रूम पर छात्रा बेहोश मिली थी। सुमित अभी भी फरार है। अभिषेक और सुमित दोनों ने वीडियो जारी कर खुद को बेगुनाह बताया है। अभी तक 6 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

अब इन आरोपियों के दावे और इन पर उठते सवाल भी जान लीजिए...

दोस्त को रोका क्यों नहीं?
आरोपी रामजीवन दावा कर रहा है कि वह तो अपनी कार लेकर सिर्फ मदद करने गया था। इसी कार में छात्रा के साथ गंदी हरकत की जा रही है। रामजीवन खुद कार चला रहा है। ऐसे में उसने कार में छात्रा से हो रही गलत हरकतों का विरोध क्यों नहीं किया। दोस्त को रोका क्यों नहीं।

लड़की काफी देर तक रूम में रही, जानकारी कैसे नहीं हुई?
आरोपी अभिषेक का दावा है कि उसने अपने रूम (जिस मकान में छात्रा से रेप हुआ) की चाबी दोस्त को दी थी। उसे नहीं पता कि रूम में लड़की कब पहुंच गई। वह खुद ये बात स्वीकार कर रहा है कि जब रूम पर पहुंचा, तो लड़की वहीं पर थी। उसी के कमरे पर वह सो रही थी। उसकी मौजूदगी में भी लड़की काफी देर तक उसके रूम पर रही। ब्यावरा आने-जाने के बाद भी लड़की को उसी रूम पर छोड़ा गया (जैसा रामजीवन ने अपने VIDEO में बताया)। ऐसे में अभिषेक का ये दावा कि उसे जानकारी नहीं थी, सवाल खड़े कर रहा है।

रूम पर बैग रखा था, तो घटना के समय कहां था?
आरोपी सुमित मीना ने घटना के बारे में तो कुछ नहीं बोला, लेकिन वह केवल इसी बात पर जोर दे रहा है कि जब तक लड़की उसकी शिनाख्त न कर ले, तब तक कार्रवाई न की जाए। उसने अपने VIDEO में यह जरूर स्वीकार किया है कि उसका बैग कमरे पर रखा था। यह भी तय है कि वह उसी कमरे में अपने भाई के साथ रहता था। घटना के समय वह कहां था? यह भी उसने अपने VIDEO में नहीं बताया।

सोमवार को इन आरोपियों के घर गिराए गए...

सोमवार को भी आरोपियों के घर गिराने की कार्रवाई हुई। एक आरोपी पहले भी रेप केस में फंस चुका है। इसके मकान तक जेसीबी नहीं पहुंची तो मजदूर लगाकर घर तोड़ा गया।
सोमवार को भी आरोपियों के घर गिराने की कार्रवाई हुई। एक आरोपी पहले भी रेप केस में फंस चुका है। इसके मकान तक जेसीबी नहीं पहुंची तो मजदूर लगाकर घर तोड़ा गया।

विवेक मीना: आरोपी की मां हुई बेहोश

आरोपी विवेक के गादेर‎ गांव के मकान पर जैसे ही पुलिस‎ बुलडोजर लेकर पहुंची, आरोपी की‎ मां बेहोश हो गई। वह कह रही थी कि उसका बेटा बेकसूर‎ है, उसका कोई दोष नहीं है। भास्कर से‎ बातचीत में आरोपी के परिजन ने‎ बात करते हुए बताया कि उनके‎ लड़के के दोनों हाथ दीपावली पर‎ पटाखे चलाते समय जल गए थे। वो अपने डेली रुटीन तक के काम नहीं कर पा रहा, इसमें हम उसकी मदद कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनके बेटे का‎ नाम लिख लिया। वो इसलिए लिख‎ लिया, क्योंकि आरोपियों के साथ‎ उसकी दोस्ती थी। पुलिस दस्ते ने‎ बुलडोजर लेकर मकान तोड़ दिया।‎

संजय माली: पहले भी रेप में मामले में फंसा

रेप के आरोप में पकड़े‎ गए आरोपी संजय माली का मकान‎ चांचौड़ा थाने से लगा हुआ है। इसी‎ वजह से कई बार इसे पुलिस ने‎ टेंपरेरी तौर पर ड्राइवर रख लिया‎ था। पूर्व में भी इस पर रेप का‎ एक मामला चल चुका है और यह‎ आदतन अपराधी भी है। पुलिस को‎ इसका मकान तोड़ने के लिए‎ मजदूर लगाने पड़े। ऐसा इसलिए‎ करना पड़ा क्योंकि इसके घर पर‎ जेसीबी या बुलडोजर जाने की‎ जगह नहीं थी।‎

रविवार को इन 3 आरोपियों के घर तोड़े गए थे...

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छात्राएं बोलीं- लड़के गलत करते हैं, भुगतते हम हैं

'लड़के गलत काम करते हैं, भुगतना हमें पड़ता है। मम्मी कह रही है कि अकेले घर से बाहर मत जाना। क्या अब स्कूल-कोचिंग जाना भी छोड़ दें' -ये गुस्सा है गुना की छात्राओं का। हालांकि प्रशासन ने गैंगरेप के आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलवा दिया है। लेकिन छात्राओं की एक ही मांग है- लड़कों का गुंडाराज खत्म हो। पूरी खबर पढ़िए

पिता की आपबीती...

बेटी पढ़ने में होशियार है। कुछ बन जाए, इसीलिए उसे अच्छे स्कूल में पढ़ा रहे हैं। जब मकान पर पहुंचा तो मैंने 2 लड़कों को वहां खड़े देखा। दोनों को पकड़ लिया। इनमें से एक लड़का फोन लगाने वाला था। उन्हें चांटे मारे, तब उन्होंने पूरी बात बताई। इतने में ही पुलिस आ गई। हमें ही पता है कि हम पर क्या गुजर रही है। दिमाग काम नहीं कर रहा। जिस स्थिति में बच्ची मिली, उसके बाद तो परिवार की हालत और खराब हो गई। इस तरह की घटना हुई है हमारे साथ, ये तो हमारा दिल ही जानता है। हम तो न जीने के रहे और न मरने के। अगर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो हम अपना शरीर त्याग देंगे। हमारे जीवन में कुछ नहीं बचा अब। हमारी आत्मा अंदर से मर चुकी है। पढ़िए पूरी खबर

15 साल की छात्रा से गैंगरेप: 6 गिरफ्तार, 7 पर केस

गुना में स्कूल के लिए निकली छात्रा एक मकान के पीछे बेहोश मिली। घटना से नाराज लोगों ने शनिवार को पुलिस के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए और चक्काजाम कर दिया।
गुना में स्कूल के लिए निकली छात्रा एक मकान के पीछे बेहोश मिली। घटना से नाराज लोगों ने शनिवार को पुलिस के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए और चक्काजाम कर दिया।

गुना में 15 साल की छात्रा से गैंगरेप हुआ। खुद लड़की ने अपने बयान में ये बात बताई। चांचौड़ा के प्रभारी SDM वीरेंद्र सिंह ने बच्ची के इस बयान की पुष्टि की है। अभी तक 7 आरोपियों की जानकारी सामने आई है। 5 नामजद और दो अज्ञात हैं। 6 को अरेस्ट कर लिया गया है। सभी आरोपी संपन्न परिवार से हैं। पकड़े गए आरोपियों को बिल्डिंग परमिशन के नोटिस दिए गए हैं। 24 घंटे में जवाब देने के लिए कहा गया है। गैर कानूनी कंस्ट्रक्शन पाए जाने पर ढहाया जाएगा। पूरी खबर पढ़िए...