• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Guna
  • In Training, 60 Trainers Were Told The Techniques Of Solid And Liquid Waste Management

दो दिवसीय प्रशिक्षण:प्रशिक्षण में 60 ट्रेनर को ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन की बताई तकनीक

गुना2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

जिला पंचायत, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) ने यूनिसेफ एवं आईएलआरटी संस्था के सहयोग से दो दिवसीय प्रशिक्षण 25 एवं 26 नवंबर 2022 को जिला पंचायत सभाकक्ष गुना में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जिले में 60 मास्टर ट्रेनर को ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के दिशा -निर्देशों एवं बेहतर तकनीक के संबंध में जानकारी दी गई। जिले में स्वच्छ भारत मिशन का कार्य तेजी से बढ़ रहा है और इसे एक नई गति एवं सही तकनीकों से लक्ष्य प्राप्ति हेतु ये जरूरी है की लोगों को तकनीकी मार्गदर्शन दिए जाए।

जिससे सभी गांवों में ठोस एवं तरल अपशिष्टों का उचित और पर्यावरण अनुकूलित तरीके से प्रबंधन हो। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी, प्रथम कौशिक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) जिला समन्वयक नरेश श्रीवास्तव, को जिले में स्वच्छ भारत मिशन की सहयोगी संस्था यूनिसेफ एवं आईएलआरटी ने मास्टर ट्रेनर बनाने का सुझाव दिया। इसके साथ उनके द्वारा जानकारी देने एवं समझ विकसित करने में सहयोग देने का निर्णय किया।

उक्‍त दो दिवसीय प्रशिक्षण में आए हुए सभी प्रतिभागियों का स्वच्छता का महत्व, स्वच्छता के परिणाम मानवीय जीवन एवं पर्यावरण पर, भारत की स्वच्छता यात्रा, स्वच्छ भारत मिशन द्वितीय चरण के आयाम, ओडीएफ प्लस, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के विभिन्न तकनीकी, सूचना, शिक्षा, संचार, गांव कार्य योजना निर्माण एवं स्वच्छता सर्वेक्षण के ऊपर जानकारी देकर एवं समझ विकसित की गई। यूनिसेफ भोपाल के तरफ से मुख्य प्रशिक्षक के रूप में साबिर इकबाल, अतुल त्रिवेदी, आईएलआरटी की तरफ से शशांक सिंह, आदित्य चौहान, संजय शर्मा, अब्बास शेख, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन नरेश श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया।

इस प्रशिक्षण में गुना ब्लॉक के सभी जनपदों से स्वच्छ भारत मिशन के जनपद समन्वयक, कनिष्ठ अभियंता, सरपंच, पंचायत सचिव, उपयंत्री, ग्राम रोजगार सहायक एवं स्वयं सहायता समूह से सीएलएफ को बुलाया गया था। ये सभी मास्टर ट्रेनर अलग अलग विभागों एवं क्षेत्रों से थे, जिससे स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के आयामों पर सब की समझ विकसित हो सके और ये सभी लोग समुदाय के साथ मिलकर ठोस एवं तरल प्रबंधन के लिए गांव का सही एवं प्रगतिशील कार्य योजना बना सकें, साथ ही जिले को स्वच्छता के क्षेत्र में एक मॉडल जिला बना सकें।

खबरें और भी हैं...