महिला चिकित्सक और स्टाफ की कमी:मृगवास उप स्वास्थ्य केंद्र में जननी एक्सप्रेस तक नहीं

मृगवास4 दिन पहले
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मृगवास स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी एवं सुविधाओं के अभाव  में क्षेत्र के लोगों को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। - Dainik Bhaskar
मृगवास स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी एवं सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र के लोगों को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

शासन एक ओर जहां गांव-गांव तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए सुविधाएं बढ़ा रहा है, वहीं मृगवास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी एवं सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र के लोगों को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

वर्तमान में यहां प्रसूताओं केलिए चिकित्सकों की भी कमी बनी हुई है। जिस वजह से महिलाओं को अक्सर इस केंद्र से रेफर कर दिया जाता है। यदि जननी एक्सप्रेस समय पर नहीं आ पाती है तो परिजनों को निजी वाहनों की व्यवस्था करना पड़ती है। जो ग्रामीणों को काफी महंगा पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र का मुख्य कस्बा होने के कारण क्षेत्र के लगभग 75 गांवों के ग्रामीण इस केंद्र पर उपचार के लिए आते हैं, जिन्हें अक्सर यहां पर्याप्त सुविधाओं के आभाव का सामना करना पड़ता है और निराश होना पड़ता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जननी वाहन उपलब्ध नहीं होने से आवश्यकता पड़ने पर वाहन को कुंभराज या चांचौड़ा से मंगाया जाता है।

जिसके आने में समय लगता हैं, क्योंकि यहां से कुंभराज की दूरी 15 किमी चांचौड़ा बीनागंज की दूरी 24 किमी और राघौगढ़ की दूरी लगभग 35-40 किमी दूर हैं ग्रामीणों ने बताया कि कॉल सेंटर से जननी वाहन मंगाने पर 1 से 2 घंटे का समय लग जाता है। कभी कभार तो इस प्रकार की स्थिति होती है कि वाहन ही उपलब्ध नहीं रहता है। ऐसे में प्रसूता महिलाओं की डिलेवरी भी हो चुकी है, वहीं वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को अधिक पैसा खर्च कर निजी वाहन करना पड़ता है।

असंस्थागत प्रसव ग्रामीणों की मजबूरी
जिले में सुरक्षित प्रसव तथा जच्चा-बच्चा को स्वस्थ्य केंद्र से घर छोड़ने के लिए उपलब्ध कराए गए वाहनों का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण अंचलों में असंस्थागत प्रसव कराने फिर से ग्रामीणों की एक मजबूरी बन गई हैं, कॉल के बाद बावजूद वाहनों के अभाव में प्रसव पीड़ित माताएं स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं पहुंच पा रही हैं। हाल ही में शासन ने 24 एंबुलेंस जिले को उपलब्ध कराई हैं। उसके बाद यह स्थिति है।

जल्द करेंगे समस्याओं का समाधान
इस संबंध में बताया कि उनको चार्ज लिए हुए 3 - 4 दिन हुए हैं, उन्होंने सारी संस्थाओं को आदेश कर दिया हैं, जहां भी जिस प्रकार की समस्या हैं, उनसे लिखित में मांगा गया है। जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान किया जाएगा। -शरद यादव बीएमओ, बीनागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी होने से परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि मृगवास सहित आसपास के लगभग 75 गांवों में लोगों की संख्या लगभग 30-35 हजार के लगभग से ज्यादा हैं, जिन्हें सबसे बड़ी पंचायत में थाना सुविधा होने के बावजूद स्वास्थ्य सुविधाओं के आभाव का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व में कहीं महिलाओं का प्रसव अस्पताल परिसर के बाहर ही हो गया था।

निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचती हैं महिलाएं
वही ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं व उनके परिजन विवशताओं में प्रसव के लिए निजी वाहनों का सहारा लेकर मृगवास स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं तो मृगवास में उन्हें स्वास्थ्य कर्मियों की कमी और महिला चिकित्सक की सुविधा नहीं मिलती है।

यहां लगभग स्टाफ की संख्या 6 हैं जिसमें एक मेडिकल ऑफिसर राजेश माली, एएनएम व फार्मसिस्ट व दो नर्स हैं। जिसमें दो फार्मसिस्ट को कुंभराज अटैच कर दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि यहा लगभग 3 से 4 डिलेवरी के केस डेली आते हैं। लेकिन उन्हें रेफर करना पड़ता है।

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