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संसाधन उपलब्ध, मेन पॉवर की कमी, मरीज परेशान:विशेषज्ञ के अभाव में सिविल अस्पताल में उपलब्ध उपकरणों का नहीं हो रहा उपयोग

अंबाहएक महीने पहले
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सिविल अस्पताल में बेकार हाे रही दंत चिकित्सा जांच मशीन। - Dainik Bhaskar
सिविल अस्पताल में बेकार हाे रही दंत चिकित्सा जांच मशीन।

मरीजों का बेहतर इलाज करने सिविल अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक मशीनों का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि इन मशीनों को संचालित करने विशेषज्ञ व डॉक्टर पदस्थ नहीं है। ऐसे में मरीजों को अल्ट्रासाउंड, डिजीटल एक्स-रे, दांतों व आंखों की जांच कराने निजी सेंटरों पर जाना पड़ रहा है।

जहां उन्हें मनमानी कीमत देनी पड़ रही है। जबकि उक्त जांच करने की सभी मशीनें सिविल अस्पताल में उपलब्ध हैँ। यहां बताना जरूरी है कि सिविल अस्पताल का निरीक्षण करने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सहित प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर एवं विधायक कमलेश जाटव अनेक बार आ चुके हैं। बावजूद इसके सिविल अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रहीं हैं।

वहीं प्राइवेट अस्पतालों की तर्ज पर सिविल अस्पताल में करीब 10 साल पहले ब्लड जांच के लिए एनालाइजर मशीन, दंत चिकित्सा के लिए आवश्यक जांच मशीन स्थापित की गई थीं। स्थापित होने के बाद इन मशीन उपयोग एक दो बार ही हुआ है। इसके बाद जानकारों के अभाव में यह मशीन कबाड़ हो रही हैं। इसी तरह अल्ट्रासाउंड मशीन भी 2 वर्ष पहले ही अस्पताल में आकर रख दी गई। लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में मशीन को चलाने की स्वीकृति शासन स्तर से नहीं मिली है।

फलस्वरूप लोगों को मुरैना, ग्वालियर, आगरा जाकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं। वहीं बेहोशी के डॉक्टर के अभाव में सिविल अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर पर हमेशा ताला पड़ा रहता है। यहां उपलब्ध आधुनिक उपकरण जंग खरे हैं, वहीं कुछ उपकरण खराब हो चुके हैं। ऑपरेशन थिएटर चालू नहीं होने से डॉक्टरों को गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रैफर करना पड़ रहा है। वहीं सिविल अस्पताल में वर्तमान में कई मशीनों का अभाव है।

इस कारण मरीजों को इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सिविल अस्पताल में इको, ईसीजी, एमआईआर, डायलिसिस जैसी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं नहीं है। इस कारण प्रतिदिन लोगों को इन सुविधाओं के लिए बाहर जाना पड़ता है। जबकि सिविल अस्पताल में सर्जन के रूप में डॉक्टर सतीश यादव पदस्थ हैं। प्रतिदिन यहां 2 से 3 लोग सड़क दुर्घटना में गंभीर रुप से घायल होकर पहुंचते हैं। अस्पताल पहुंचने वाले घायलों में यदि किसी घायल की स्थिति गंभीर होती है तो डाक्टरों उन्हें मजबूरन रेफर करना पड़ता है।

वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया है

विशेषज्ञों के अभाव में सिविल अस्पताल में जिन उपकरणों का उपयोग नहीं हो रहा है। इस संबंध में समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया है। हमारी ओर से अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों से बेहतर इलाज की सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
डीएस यादव, बीएमओ अंबाह

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