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समस्या:दो साल पहले बनी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला, स्टाफ न होने से बंद

अंबाहएक महीने पहले
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  • किसानों को मिट्‌टी परीक्षण के लिए जाना पड़ रहा 35 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय

अंबाह में दो साल पहले मिट्‌टी परीक्षण प्रयोगशाला का भवन बनकर तैयार हो गया लेकिन स्टाफ व मशीन के अभाव में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला आज तक चालू नहीं हो पाई है। जबकि 36 लाख रुपए खर्च कर प्रयोगशाला की इमारत बनकर तैयार हो चुकी है। लेकिन अभी तक इसमे मिट्टी परीक्षण शुरू नहीं हो सका है जिसके चलते किसानों को मिट्टी परीक्षण के लिए 35 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। क्योंकि किसानों की खरीफ फसल की बोवनी शुरू हो चुकी है।

यहां बता दें कि खेतों की मिट्‌टी का परीक्षण कराने के लिए किसान जिला मुख्यालय पर जाने से कतराते हैं। क्योंकि इससे उनके धन एवं समय की हानि होती है। इसके अलावा एक दिन में मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट किसानों को नहीं मिल पाती। जिसके चलते ब्लॉक के किसानों ने कई बार मिट्टी परीक्षण केंद्र पर कर्मचारी व मशीन लगाकर चालू कराने की मांग की है। लेकिन इस ओर कृषि अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ज्ञात हो कि प्रयोगशालाएं तैयार कराकर मिट्‌टी परीक्षण किया जा रहा है। लेकिन अंबाह ब्लॉक की पूठ रोड पर इमारत तैयार होने के दो साल बाद भी परीक्षण केंद्र शुरू नहीं हो पाया है।

36 लाख रु. की लागत से तैयार हुई इमारत

मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला करीब 36 लाख रुपए की लागत से तैयार की गई है। जिसकी निर्माण एजेंसी मप्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड मुरैना है, और इसका फंड किसान सड़क निधि से दिया गया है। बावजूद इसके अभी तक यह प्रयोगशाला विभाग के सुपुर्द नहीं की गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला में कार्य शेष रहने के कारण अभी हमारे सुपुर्द नहीं हुई है। जिसके चलते यह प्रयोगशाला चालू नहीं हुई है। प्रयोगशाला इमारत बनकर तैयार है। लेकिन तैनात होने वाला स्टाफ और मशीनों की आपूर्ति अभी तक यहां नहीं हुई है। भवन का उपयोग शुरू करने से पहले परीक्षण के लिए मशीनें जरूरी है। जो अभी तक नहीं रखी गईं हैं। जिससे मिट्टी परीक्षण का कार्य कर सकें।

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