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मनमानी:रीडिंग लेने नहीं आ रहे कर्मचारी, उपभोक्ताओं को हर माह थमा रहे आकलित खपत के बिल

अटेर6 दिन पहले
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  • अटेर कस्बे के ग्रामीण उपभोक्ताओं ने बिजली कंपनी के अधिकारियों पर लगाया मनमानी का आरोप
  • पीड़ित बोले-शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं

हमारे घरों के बिजली मीटर पिछले डेढ़ साल से बंद हैं। हर महीने आकलित खपत के बिल आ रहे हैं। वहीं चार रोज पहले हमने बिजली दफ्तर पहुंचकर आकलित खपत का ब्यौरा मांगा तो अधिकारी नहीं दे पाए। अब इस माह भी बिजली बिल पहले की अपेक्षा अधिक आया है।

आकलित बिजली बिल देकर बिजली कंपनी के अधिकारी हम लोगों से मनमानी वसूली कर रहा है। यह आरोप शनिवार को अटेर कस्बे के ग्रामीण उपभोक्ताओं ने बिजली कंपनी के अधिकारियों पर लगाए।

शनिवार को उपभोक्ताओं भास्कर संवाददाता को बिजली कंपनी द्वारा दिए गए आकलित बिजली बिल दिखाते हुए कहा कि हमारे घरों में मीटर रीडिंग लेने कोई नहीं आता है और औसत के हिसाब से बिल बनाकर घर भेज दिया जाता है। इस संबंध में कई बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

पलेवा के लिए किसानों को नहीं मिल रही बिजली
एक ओर नहरों में कम पानी होने से गोरमी क्षेत्र के किसानों को जहां पलेवा के लिए पानी नहीं मिल रहा है। खेतों की मिट्टी सूखकर कड़क हो गई है। इसलिए सिंचाई करना जरूरी हो गया है। किसान बिजली पंपों से रात के समय जागकर खेतों में सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन किसानों को दिन के समय पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है।

किसान नाथू सिंह भदौरिया, हरगोविंद सिंह भदौरिया, पंकज सिंह, रामौतार सिंह आदि बताते हैं कि खेतों में सिंचाई का काम दिन के समय अच्छी तरह से हो पता है, लेकिन दिन में बिजली कंपनी द्वारा सिंचाई के लिए दो से ढाई घंटे बिजली दी जा रही है। जिसमें कई बार बिजली की ट्रिपिंग भी होती है। इस कारण से खेतों में पलेवा का काम दिन के समय ठीक तरीके से नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा खेत में पानी देने के कारण हम किसान तो ठीक से नींद नहीं ले पा रहे हैं। इससे लोगों में बिजली कंपनी के प्रति गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

पीड़ा: आकलित खपत की शिकायत करने जाओ तो अभद्रता करते हैं अफसर
बिजली उपभोक्ता कमलेश सिंह आदि ने बताया कि बिजली विभाग द्वारा रीडिंग के लिए जिन कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। वह कभी भी समय पर उपभोक्ता के घर नहीं पहुंचते। निर्धारित समय के कई दिनों बाद रीडिंग नोट की जा रही है। ऐसे में हर महीने रीडिंग का औसत बढ़ रहा है और बिल की राशि भी बढ़ती जा रही है। इस ओर ना तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों का ध्यान जा रहा है और न बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का। इसी क्रम में हुसैन खान ने बताया कि नगर में 700 से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। जिसमें 100 लोग ऐसे हैं जिन्होंने बिजली कनेक्शन तो ले रखा है, लेकिन उनके घरों पर बिजली मीटर नहीं लगे हैं।

उसके बाद भी उनको हर महीने एक से डेढ़ हजार रुपए का बिल कंपनी द्वारा दिया जा रहा है। मेरे घर पर भी मीटर नहीं लगा है, उसके बाद भी बिजली कंपनी ने इस महीने मुझे एक हजार रुपए का एवरेज बिल थमा दिया है। चार दिन पहले हम लोग इस बात की शिकायत बिजली कंपनी ऑफिस में करने गए तो वहां पर सुपरवाइजर वी सरकार ने जानकारी न देते हुए हम लोगों से अभद्रता से बात करते हुए ऑफिस से निकाल दिया था। जिसकी शिकायत हमारे द्वारा विभाग के आलाधिकारियों से की गई। लेकिन अभी तक न तो सुपरवाइजर पर कोई कार्रवाई हुई और न हमारे बिल कम हुए।

क्षेत्र में रात 10 बजे आती है बिजली
हरीक्षा, दौनियापुरा, कृपे का पुरा, गढ़ी, रजगढिया,अकलौनी सहित अन्य गांव के ग्रामीण बताते हैं कि गांव में रात के 10 बजे के बाद बिजली आती है। बिजली आने के बाद हम लोग घर छोड़कर खेतों में पलेवा करने के लिए निकल जाते हैं। जबकि हम लोग बिजली कंपनी अधिकारियों से दिन के समय पर्याप्त बिजली की मांग कर चुके हैं। अधिकारी हमारी मांग पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

पलेवा के लिए पर्याप्त बिजली मिलेगी
^किसानों को खेतों में पलेवा के लिए पर्याप्त बिजली देने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। वहीं जिन ग्रामीण उपभोक्ताओं को आंकलित बिल अगर मिले हैं तो उसको सही कराया जाएगा। उपभोक्ताओं की अन्य शिकायतों को भी समय सीमा में दूर कराया जाएगा। उपभोक्ताओं को परेशान नहीं होने देंगे।
अशोक शर्मा, एई, बिजली कंपनी भिंड

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