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सड़क निर्माण:मजदूरों के बजाय मशीन से बन रही थी सड़क, सीईओ ने काम रुकवाया

अटेर8 महीने पहले
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  • पुर गांव में मनरेगा के तहत हो रहा सड़क निर्माण

अटेर क्षेत्र के पुर गांव में ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा के तहत डब्ल्यूबीएम सड़क का निर्माण मजदूरों की जगह जेसीबी मशीन से किया जा रहा था। जिसको जिला पंचायत सीईओ आईएस ठाकुर ने बुधवार को रुकवा दिया है। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्य की जांच करने के आदेश विभागीय अधिकारियों को दिए।

गौरतलब है कि पुर गांव में मनरेगा के तहत 20 लाख रुपए की लागत से ग्राम पंचायत द्वारा डब्ल्यूबीएम सड़क का निर्माण मजदूरों की जगह चार जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर द्वारा कराया जा रहा था। जिसको लेकर भास्कर द्वारा बुधवार को पुर गांव में जेसीबी-ट्रैक्टर से बन रही है मनरेगा सड़क, मजदूर बैठे बेरोजगार शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी।

ग्रामीण बंटी नरवरिया, राकेश नरवरिया, सतेंद्र नरवरिया आदि ने बताया कि गांव में जोशी मोहल्ले से मुक्तिधाम तक डेढ़ किलोमीटर लंबी डब्ल्यूबीएम सड़क का निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा 20 लाख रुपए में कराया जा रहा था। लेकिन सड़क बनाने के काम में गांव के किसी भी मजदूर को काम नहीं दिया गया है। उनके स्थान पर एक साथ चार जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर से काम हो रहा था।

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