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  • The Procession Took Place In The Presence Of Muni Shri, Who Returned From Shivpuri Panchkalyanak, The Characters Got The Privilege Of Becoming Charioteer With Shantidhara

धर्म-आस्था:शिवपुरी पंचकल्याणक से लौटे मुनि श्री के सानिध्य में निकली शोभायात्रा, पात्रों को शांतिधारा के साथ सारथी बनने का सौभाग्य मिला

बदरवासएक महीने पहले
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  • पंचकल्याणक की याद में हर साल भगवान की शोभायात्रा सेसई में निकाली जाएगी

अब से 5 साल पहले पहली बार अतिशय क्षेत्र सेसई पर पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन हुआ था। 2017 के इस आयोजन के बाद शिवपुरी पंचकल्याणक से बिहार कर सेसई पहुंचे मुनि संघ के सानिध्य में मंगलवार को श्रीजी की शोभायात्रा निकाली गई और पात्रों ने शांति धारा करने के साथ-साथ भगवान के सारथी बनने का सौभाग्य हासिल किया। पंचकल्याणक समिति के अध्यक्ष जितेंद्र जैन गोटू और मुख्य संयोजक राजकुमार जैन जड़ी-बूटी ने बताया कि 2017 में मुनि अजित सागर महाराज के सानिध्य में पंचकल्याणक का वृहद आयोजन किया गया था।

इसके बाद तय हुआ था कि पंचकल्याणक की याद में हर साल भगवान की शोभायात्रा सेसई में निकाली जाएगी। इसी क्रम में जब शिवपुरी में पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन आया तो फिर इस आयोजन को मुनि श्री के सानिध्य में करने का निर्णय समिति ने लिया। जैसे ही मुनि अभयसागर महाराज, मुनि प्रभात सागर महाराज और मुनि निरीह सागर महाराज सेसई पहुंचे ट्रस्ट कमेटी के पदाधिकारियों ने मिलकर उन से निवेदन किया कि वह श्रीजी की शोभायात्रा कराने का आशीर्वाद दें। साथ ही इस दौरान भगवान का शांतिधारा और प्रक्षालन भी उन्हीं के सानिध्य में हो। जैन संतों ने कमेटी के इस बात को सुनकर उन्हें आशीर्वाद दिया और आयोजन की अनुमति दे दी। इसके बाद पुण्यार्जक बने तंबाकू परिवार के सदस्यों ने प्रमुख बोलियां लेने का सौभाग्य अर्जित किया। इसके साथ-साथ अन्य पात्रों ने भी ली। जबकि भगवान की रथ यात्रा निकालने के दौरान बनने वाले सारथी का पद गोरेलाल और सेसई में निवासरत जैन परिवार द्वारा लिया गया।

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