• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhind
  • If Water Is Not Available From Rajasthan, The Supply Of Pilua Dam Could Not Be Found In Baisali, For The First Time, A Completely Dry Dam, People Are Craving Drop By Drop.

पानी पर राजनीति:राजस्थान से पानी नहीं मिला तो पिलुआ डैम से बैसली में नहीं हो पाई सप्लाई, पहली बार पूरी तरह सूखा बांध, बूंद-बूंद को तरस रहे लोग

भिंड9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • जल संकट पर कांग्रेस दे रही धरना, भाजपा का आरोप- कांग्रेस विधायक ने ही मौ केनाल में भिजवाया पानी
  • एक माह पहले ही सूख गया था बैसली बांध, समय पर नहीं चेते अफसर, हैंडपंप से प्यास बुझाने को मजबूर लोग
  • 400 से 600 रुपए में निजी टैंकर खरीदने को मजबूर गोहद के लोग

पानी को लेकर गोहद नगर में इन दिनों त्राहि त्राहि मची हुई है। वहीं नेताओं ने इस मुद्दे पर राजनीति शुरु कर दी है। कांग्रेस जहां बांध पर अनिश्चित कालीन धरना दे रही है। वहीं भाजपा के पूर्व विधायक रणवीर जाटव ने वर्तमान कांग्रेस विधायक मेवाराम जाटव पर गंभीर आरोप लगाया है।

उनका कहना है कि विधायक स्वयं नहीं चाहते हैं कि बांध में पानी आए। जबकि हकीकत यह है कि इस साल बारिश कम होने से पगारा बांध 35 प्रतिशत ही भरा था। जो कि अब खाली हो चुका है। ऐसे में अंचल को पानी के लिए पड़ोसी राज्य राजस्थान पर निर्भर होना पड़ गया है। वहीं राजस्थान से भी प्रदेश को अनुबंध के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है। परिणामस्वरुप गोहद नगर में पिछले एक महीने से लोग पानी की एक-एक बूंद को मोहताज है। बता दें कि गोहद नगरपालिका बैसली बांध के पानी से ही नगरवासियों की प्यास बुझाती है। लेकिन पिछले एक महीने से बैसली बांध सूखा पड़ा हुआ है, जिससे नगरवासियों को 400 से 600 रुपए में निजी टैंकर खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं नगरपालिका द्वारा जो टैंकर लगाए गए हैं वे ऊंट के मुंह में जीरा के समान साबित हो रहे हैं।

कार्यक्रम रद्द, धरने पर नहीं पहुंचे पूर्व मंत्री
बैसली बांध पर चल रहे कांग्रेस के सत्याग्रह में रविवार को पूर्व मंत्री एवं लहार विधायक डॉ गोविंद सिंह व प्रवीण पाठक भी शामिल होने वाले थे। लेकिन एनवक्त पर उनका कार्यक्रम रद्द हो गया है। वहीं रविवार को गोहद एसडीएम शुभम शर्मा, एसडीओपी नरेंद्र सोलंकी भी कांग्रेस के सत्याग्रह में पहुंचे।

जहां उन्होंने कांग्रेस नेता देवाशीष जरारिया से कहा कि बांध में पानी आने वाला है इसलिए वे धरना समाप्त कर दें, जिस पर जरारिया ने धरने पर बैठे शैलेंद्र दशरथ गुर्जर, गोपाल पचौरी, टोनी मुदगल सहित अन्य लोगों से चर्चा की और बाद में धरना जारी रखने की बात कही।
पहले ध्यान नहीं दिया, अब बंद करा रहे नहर
गोहद का बेसली बांध फरवरी महीने के शुरुआती दिनों में ही खाली होने लगा था। तब भी बांध में पानी छोड़े जाने की मांग उठी थी। लेकिन नगरपालिका और सिंचाई विभाग के अफसरों द्वारा समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। हालात भयावह हुए तो अफसरों ने गोहद सिंचाई विभाग की कार्यपालन यंत्री सीमा त्रिपाठी को हटाकर भिंड के कार्यपालन यंत्री एचएस शर्मा को जिम्मेदारी दी। उनके द्वारा अब राजस्थान से सिंचाई के लिए आने वाले पानी को बैसली बांध तक लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके तहत मुख्य नहरों को 10-10 दिन के लिए बंद किया जा रहा है।

1200 क्यूसेक कम मिल रहा पानी, बांध तक आने में लगेगा 6 दिन का समय
राजस्थान सरकार से प्रदेश सरकार का 3900 क्यूसेक पानी लेने का करार है। लेकिन राजस्थान से 1200 क्यूसेक कम यानि 2700 क्यूसेक पानी मिल रहा है, जिससे नहरों में पानी का फ्लो उतना तेज नहीं है, जितना होना चाहिए। वहीं पिलुआ तक पानी 500 क्यूसेक पहुंच रहा है। जबकि यहां 1000 क्यूसेक पानी आना चाहिए। ऐसे में सिंचाई विभाग के अफसरों की मानें तो नहरों के माध्यम से बेसली बांध तक पानी आने में करीब 6 दिन का समय ओर लगेगा।
एक- दूसरे पर लगा रहे आरोप- प्रत्यारोप
कांग्रेस विधायक मेवाराम जाटव ने जब बांध पर प्रदर्शन किया तो कांग्रेस नेता देवाशीष जरारिया ने यहां सत्याग्रह प्रारंभ कर दिया। इसी बीच पूर्व विधायक रणवीर जाटव ने भी वर्तमान विधायक मेवाराम जाटव पर गंभीर आरोप लगाया कि जब बांध के लिए पानी आ रहा था तब उसे विधायक ने अफसरों पर दबाव बनाकर मौ केनाल में मुड़वा दिया, कारण मौ केनाल की ओर उनका गृह गांव (सिलोंहा) पड़ता है। वहीं विधायक मेवाराम का कहना है कि अफसरों ने उन्हें गुमराह किया।

28 फरवरी को उनकी बात एसडीएम शुभम शर्मा और सिंचाई विभाग की कार्यपालन यंत्री सीमा त्रिपाठी से बात हुई थी तब उन्होंने 1 से 5 मार्च के बीच बांध फुल करके मौ केनाल में पानी छोड़ने के लिए कहा था। लेकिन बाद में बिना बात किए उन्होंने बांध में पानी छोड़ने से पहले मौ केनाल में डाल दिया। जबकि मौ केनाल में टेल एंड तक पानी नहीं पहुंचा। मैं इस मुद्दे को विधानसभा में उठाऊंगा।

6 दिन में आएगा पानी

  • इस बार बारिश कम होने से पगारा बांध में पानी नहीं होने से राजस्थान पर निर्भरता ज्यादा हो गई, इसी वजह से यह संकट खड़ा हुआ। 6-7 दिन में बांध तक पानी आ जाएगा। - एचएच शर्मा, कार्यपालन यंत्री सिंचाई विभाग
खबरें और भी हैं...