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परेशानी:छह साल से अस्पताल में महिला और बाल रोग विशेषज्ञ नहीं, मरीजों को कर रहे रैफर

मेहगांव10 दिन पहले
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  • स्वास्थ्य केंद्र पर विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली होने के साथ अल्ट्रासाउंड मशीन भी नहीं

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेहगांव में पिछले छह साल से स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी मरीजों को खासा परेशान कर रही है। गंभीर अवस्था में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए भिंड या ग्वालियर जाना पड़ता है, या फिर उनको अस्पताल प्रबंधन रैफर कर देता है। इस संबंध में जब अस्पताल के बीएमओ डॉ. शोभाराम शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हम खुद विभाग से कई बार डॉक्टरों की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक डॉक्टरों की भरपाई नहीं की गई है। इस स्थिति में सरकारी चिकित्सा सुविधा का लाभ वास्तविक मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण नगर के लोगों में शासन व प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है।

गौरतलब है कि अस्पताल में आठ डॉक्टरों की आवश्यकता पर वर्तमान में पांच डॉक्टर चिकित्सा व्यवस्था संभाल रहे हैं। जबकि बाल रोग विशेषज्ञ, महिला डॉक्टर और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की आवश्यकता को पिछले छह साल से पूरा नहीं किया गया है। हालांकि विभाग द्वारा भी लगातार मांग उठती रही है कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को मजबूरन प्राइवेट क्लीनिक या ग्वालियर के अस्पतालों में इलाज के लिए जाना पड़ता है। लेकिन इस संबंध में फिलहाल किसी प्रकार की रियायत दिखाई नहीं दे रही है। जिला स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि उनके पास डॉक्टरों की कमी है। जिला अस्पताल में खुद कई डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। ऐसे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की कमी होना लाजमी है।

महिला डाक्टर नहीं होने से भिंड और ग्वालियर आने को मजबूरः महिला रोगी या प्रसूताओं को गंभीर अवस्था में मेहगांव अस्पताल में इलाज नहीं मिलता है। क्योंकि यहां स्त्री रोड विशेषज्ञ का पद खाली है। पूर्व में डॉ. पदमा द्विवेदी के रिटायरमेंट के बाद अस्पताल में किसी लेडी डॉक्टर की पदस्थापना नहीं की गई है। जिसके कारण प्रसूताओं को भिंड और ग्वालियर आना पड़ता है। वहीं वहीं बाल शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण क्षेत्र के लोगों को अपने बच्चों के इलाज के लिए भी ग्वालियर या भिंड आना पड़ता है।

फैक्ट फाइल

  • मेहगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लगने वाले गांवों की संख्या- 104
  • प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या- 150 से 200
  • प्रतिमाह होने वाली डिलेवरी- 150 से 180
  • प्रतिदिन ओपीडी- 200 से 250
  • अस्पताल में डॉक्टरों के स्वीकृत पद- 8
  • वर्तमान में पदस्थ डॉक्टर- 5
  • महिला विशेषज्ञ डॉक्टर के स्वीकृत पद- 1
  • शिशु रोड विशेषज्ञ डॉक्टर के स्वीकृत पद- 1
  • नेत्र रोड विशेषज्ञ डॉक्टर के स्वीकृत पद- 1

मरीजों को रैफर करने से आती है परेशानी
स्थानीय निवासी विवेक शर्मा का कहना है कि प्रसूताओं को भिंड या ग्वालियर के लिए रैफर कर दिया जाता है। जहां पहुंचने में काफी समय लग जाता हैं। ऐसे में जच्चा और बच्चा की जान पर संकट खड़ा हो जाता हैं। अगर केंद्र पर ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हो जाए तो काफी राहत मिल सकेगी।

अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन की नहीं है सुविधा
मेहगांव निवासी सुनील करैया, राकेश चौधरी आदि बताते हैं कि स्वास्थ्य केंद्र पर जहां स्त्री रोड विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है, वहीं केंद्र पर गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन की सुविधा भी नहीं है। जिसके चलते महिलाओं को बाजार में अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है।

अफसरों को अवगत कराया
मैंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को महिला, नेत्र और शिशु रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए अवगत कराया है। साथ ही अस्पताल में जिन संसाधनों की कमी है। उनको पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. शोभाराम शर्मा, बीएमओ, मेहगांव

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