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चंबल प्रोग्रेस-वे:बाढ़ का खतरा इसलिए नदी से डेढ़ किमी दूर बनेगा हाईवे

भिंडएक महीने पहले
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  • भिंड में दूसरे चरण में होगा काम
  • मंत्री अरविंद भदाैरिया बोले- पहली केबिनेट बैठक में ही प्रोग्रेस-वे पर करेंगे चर्चा

चंबल एक्सप्रेस-वे का नाम प्रोग्रेस-वे किए जाने के बाद इस प्रोजेक्ट में नई-नई गाइडलाइन आना शुरू हो गई है। हाल में आए आदेश में जिक्र है कि इस प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट इस प्रकार तैयार की जाए जिससे चंबल नदी की बाढ़ का कोई असर प्रोग्रेस-वे पर नहीं पड़े। नए निर्देश के पालन में सड़क विकास निगम अब चंबल अभयारण्य से डेढ़ किमी की दूरी पर प्रोग्रेस-वे का निर्माण कराएगा ताकि उसे डूब क्षेत्र से सुरक्षित रखा जा सके। भिंड में प्रोग्रेस-वे का काम दूसरे चरण में होगा। गुरुवार को शपथ लेने के बाद मंत्री अरविंद भदौरिया ने कहा कि पहली केबिनेट बैठक में ही चंबल प्रोग्रेस-वे का काम शुरू कराने को लेकर चर्चा करेंगे।

चंबल प्रोग्रेस-वे पर केंद्र सरकार पैसा खर्च करेगी। एनएचएआई के पास जिम्मेदारी रहेगी। राज्य सरकार जमीन अधिग्रहण कर उसे सड़क के लिए देगी। प्रोग्रेस-वे का रूट चंबल किनारे कहां से कैसे होगा, इसके लिए रूट मैपिंग व जमीन चिह्नांकन का काम मुरैना और श्योपुर में सड़क विकास निगम ने शुरू कर दिया है। 

किसानों की 1385 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करना चुनौती
तीन साल से फाइलों में बंद 308 किलोमीटर लंबे चंबल एक्सप्रेस-वे जो अब प्रोग्रेस-वे के नाम से चर्चा में है, उसके लिए कुल 2902 हेक्टेयर जमीन लगेगी। इसके लिए 4 जिले के 154 गांवों की जमीनों का अधिग्रहण करना पड़ेगा। कुल 336 करोड़ की जमीन लगेगी। इसमें सरकारी जमीन 1517 हेक्टेयर है, जबकि निजी जमीन 1385 हेक्टेयर है। सरकार के सामने 1385 हेक्टेयर निजी जमीन के अधिग्रहण की चुनौती है। यह जमीन किसानों के खाते से सड़क विकास निगम को ट्रांसफर की जाएगी। जमीन अधिग्रहण के एवज में सरकार को 159 करोड़ रुपए का मुआवजा किसानों को बांटना होगा।

गाइड लाइन में विकल्प: किसानों के लिए दी सुविधा, अधिग्रहण के बाद दूसरी जगह उपजाऊ जमीन ले सकेंगे
केंद्र सरकार ने चंबल प्रोग्रेस-वे के लिए जो नई गाइड लाइन जारी की है उसमें किसानों को जमीन देने के बदले दो विकल्प दिए गए हैं। पहला यह कि किसान अधिग्रहित जमीन का पैसा ले सकता है। दूसरा यह कि अधिग्रहित जमीन के एवज में किसान किसी दूसरी जगह उपजाऊ जमीन लेना चाहेगा तो उसे यह सुविधा भी दी जाएगी।

उपचुनाव के पहले भूमिपूजन की तैयारी
चंबल प्रोग्रेस-वे का भूमिपूजन उपचुनाव के पहले कराने के लिए शासन ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 2017 में भाजपा सरकार में प्री-फिजिबिलिटी सर्वे कराया था। इसी आधार पर अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराई जाएगी।

जमीन चिह्नित करने का काम तेजी से चल रहा
चंबल प्रोग्रेस-वे का प्री-फिजिबिलिटी सर्वे हो चुका है। डीपीआर बनना अभी बाकी है। अभी जमीन चिह्नित किए जाने का काम तेजी से चल रहा है।- एमएच रिजवी, डीएम,  एमपीआरडीसी

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