धर्म-समाज:सभी दुखों का समाधान भागवत कथाः व्यास

भिंड9 महीने पहले
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  • गोरमी, मेहगांव और लहार क्षेत्र में चल रही भागवत कथा

गोरमी नगर के आरके गार्डन में चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन कथा का श्रवण करने के लिए रावतपुरा महंत रविशंकर महाराज और संत हरप्रीत सिंह महाराज पहुंचे। जहां पर कथा आयोजनकर्ता के द्वारा उनका स्वागत किया गया। वहीं कथा का वाचन कर रहे आचार्य रमाकांत व्यास महाराज ने कहा बड़े गौरव की बात है गौतम ऋषि की पावन धरा पर मुझे भागवत कथा वाचन करने का सौभाग्य मिल रहा है।

हम सबको जीवन में भागवत कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए,क्योंकि भागवत कथा हमें मोक्ष का रास्ता दिखाती है। जिस प्रकार रामायण हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। उसी प्रकार भागवत कथा से हमें मोक्ष का रास्ता मिलता है। महाभारत युद्ध के समय जब अर्जुन सो रहे थे तब भगवान कृष्णा अर्जुन से बोले महाभारत का युद्ध चल रहा है।

तुम अर्जुन चैन की नींद सो रहे हो अब अर्जुन बोले हे माधव मेरी रक्षा के लिए आप जाग रहे हैं तो फिर मुझे जागने की क्या जरूरत है। इसलिए हम कह सकते हैं, जिसके साथ भगवान होता है, उस व्यक्ति को महाभारत जैसे युद्ध की भी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं होती है।
बच्चों को धार्मिक ज्ञान दें

मेहगांव क्षेत्र के ग्राम भोपतपुरा में चल रही भागवत कथा में पंडित आकाश कृष्ण व्यास ने कहा कि बच्चों को भी ऐसे संस्कार देना चाहिए कि वह भी धार्मिक ग्रंथों वेदों का बचपन से अध्ययन करें। जिससे उनको जीवन जीने का रास्ता मिले जीवन में क्या गलत है क्या सही है। इस मौके पर मुख्य रूप से रामरती बौहरे सहित अन्य श्रद्घालु मौजूद रहे।

माता- पिता संसार में प्रत्यक्ष देवता हैंः हर्षिता
लहार क्षेत्र के ग्राम बिजपुरा में सिद्धबाबा महाराज पर चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक हर्षिता किशोरी ने कहा की माता-पिता की सेवा सबसे बढ़ा पुण्य होता है, उन्होंने कहा माता-पिता संसार में प्रत्यक्ष देवता है। इनकी सेवा ही सबसे बढ़ा भजन है। ,जो व्यक्ति अपने माता पिता को कष्ट देता है, वो जीवन मे कभी सुखी नहीं रह सकता। माता पिता की आंखों से जीवन में सिर्फ दो ही बार आंसू निकलते है एक जब बेटी घर छोड़कर जाती है तब और दूसरा जब बेटा मुख मोड़ता है। इस मौके पर रानी कपूर सिंह सहित अन्य श्रद्घालु मौजूद रहे।

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