न्यायालय ने सुनाई 3 वर्ष की सजा:फर्जी दस्तावेज लगाकर की संविदा शिक्षक की नौकरी

डबरा2 महीने पहले
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  • अंकसूची में अंकों की काटछांट कर लगाए फर्जी दस्तावेज

फर्जी अंकसूची के आधार पर नौकरी पाने के एक मामले में न्यायालय ने पांच साल बाद एक महिला आरोपी को तीन वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी ने संविदा शाला शिक्षक की भर्ती के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए थे। अपर लोक अभियोजक परमाल सिंह बघेल ने बताया कि वर्ष 2006 में व्यापमं के अंर्तगत संविदा शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया की गई थी।

इस भर्ती प्रक्रिया में नौकरी के लिए मुरार के शिवनगर कुम्हरपुरा निवासी रमा शर्मा ने अपनी अंकसूची में अंकों की कांट छांट की थी साथ ही अन्य दस्तावेजों का भी फर्जी तरीके से उपयोग किया था और संविदा शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली। इसकी शिकायत मिलने पर दस्तावेजों की जांच की गई।

जांच के दौरान दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर तात्कालीन जनपद सीईओ भितरवार एपी प्रजापति ने भितरवार थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। जिसके चलते यह मामला न्यायालय में चल रहा था। तथ्यों और जांच के आधार पर मामले में गड़बड़ी और धोखाधड़ी के आरोप सिद्ध होने पर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने शिक्षिका की नौकरी करने वाली आरोपी रमा शर्मा को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा और अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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