पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बारिश में खुदाई होने से बढ़ेगी लोगों की परेशानी:लॉकडाउन में काम नहीं किया, अब सड़कों को खोदकर पाइप लाइन बिछाने की तैयारी

डबरा19 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
शहर में डालने के लिए ठेका कंपनी द्वारा मंगवाए गए पाइप। अब लाइन डालने के लिए खुदाई की तैयारी की जा रही है। - Dainik Bhaskar
शहर में डालने के लिए ठेका कंपनी द्वारा मंगवाए गए पाइप। अब लाइन डालने के लिए खुदाई की तैयारी की जा रही है।
  • डबरा शहर में पेयजल योजना का काम धीमी गति से चल रहा, समय से डेढ़ साल लेट
  • वार्ड 26 में कनेक्शन तोड़े जोड़ने के लिए पैसे, शिकायत पर सीएमओ ने वापस कराए

लॉकडाउन के दौरान जब पूरा शहर बंद था और सड़कें खाली थीं, तब ठेका कंपनी ने पाइप लाइन नहीं बिछाई गई। अब बारिश के मौसम में सड़कों को खोदकर पाइप लाइन बिछाने की तैयारी की जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि दो महीने बाद व्यापार शुुरू हुआ है। अब खुदाई हुई तो धंधा चौपट हो जाएगा। साथ ही बारिश के दौर में पूरे बाजार में कीचड़ ही कीचड़ दिखाई देगा।

दरअसल शहर में पेयजल योजना का काम बानको कंपनी द्वारा किया जा रहा है। लेकिन कंपनी की लापरवाही से योजना का काम डेढ़ साल लेट चल रहा है। अभी भी 45 प्रतिशत काम शेष है। खास बात यह है कि कंपनी ने लॉकडाउन काम नहीं किया। अब जब बाजार खुल गया है और दुकानदारों का व्यापार पटरी पर लौटने लगा तो सड़कों की खुदाई की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पाइप भी मंगवा लिए हैं। दुकानदारों को डर यह सता रहा है कि पाइप डाले जाने के बाद तत्काल सड़कों को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है, ऐसे में बारिश के दिनों में लोगों का निकलना भी मुश्किल हो जाएगा।

लापरवाही: लोगों के टूट रहे कनेक्शन

धीमी गति से काम किए जाने के अलावा जो काम किया जा रहा है उसमें भी लापरवाही बरती जा रही है। बुधवार को भी शहर के वार्ड क्रमांक 26 में खुदाई किए जाने के दौरान सभी घरोें के कनेक्शन उखाड़ दिए। जिसकी वजह से लोग आक्रोशित हो गए। इस दौरान वार्डवासियों और कंपनी के कर्मचारियों के बीच विवाद भी हुआ है। कंपनी के कर्मचारियों ने कनेक्शन जोड़ने के नाम पर लोगों से रुपए भी ले गए, लेकिन जोड़े नहीं गए। इसको लेकर वार्डवासियों ने नगरपालिका कार्यालय आकर सीएमओ महेश पुरोहित से मामले की शिकायत की। शिकायत सही मिलने पर सीएमओ ने कर्मचारियों की जमकर फटकार लगाई और जो रुपए लिए थे उन्हें भी वापिस कराया। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि लापरवाही से बिलकुल भी काम नहीं करें।

नुकसान: पहले पाइप हुए रिजेक्ट, अब तीस प्रतिशत बढ़ गए रेट इसलिए कम मंगा रहे

ठेका कंपनी द्वारा पाइप बनाने वाली कंपनी से पाइप का स्लॉट बुक किया गया था, लेकिन निर्माण कंपनी द्वारा इस पाइप को रिजेक्ट किए जाने की वजह से शहर में पाइप नहीं आ सके थे। लेकिन अब इनके रेट तीस प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। जिसकी वजह से कंपनी पर भार बढ़ गया है। ऐेसे में ठेका कंपनी द्वारा थोड़े थोड़े पाइप मंगवाए जा रहे हैं। इस वजह से भी काम मे देरी हो रही है। सड़कों की खुदाई के बाद पाइप लाइन डालकर उसे बंद किए जाने से पहले टेस्टिंग का कार्य किया जाना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। टेस्टिंग के फेर में कई दिनों तक सड़कें खुदी पड़ी रहती है। वर्तमान में भी अधिकांश गलियों की सड़कों को कंपनी द्वारा दुरुस्त नहीं कराया गया है। जिसकी वजह से यहां रहने वाले लोगों के अलावा राहगीरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आपत्ति: हाईवे पर नहीं मिली पाइप डालने की अनुमति

ग्वालियर हाईवे पर पाइप लाइन डालने के लिए एनएचएआई से विगत आठ महीने पहले अनुमति मांगी गई थी। लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिल पाई है। हालांकि कंपनी द्वारा हाईवे पर पाइप लाइन डालने का काम तो शुरु करा दिया है। लेकिन परमीशन के अभाव में एनएचएआई की आपत्ति के बाद कभी भी काम को रोका जा सकता है। वहीं रेलवे द्वारा अनुमति प्रदान कर दी है। जिसके चलते ओवर ब्रिज के नीचे से पाइप लाइन डालने काम भी किया जाना है।

खबरें और भी हैं...