बाढ़ प्रभावित दोनों गांव में 50-50 किलो गेहूं भी बांटा:पहल... बाढ़ से उजड़े 2 गांव के भरण पोषण की जिम्मेदारी लेंगे देवरा के युवा

डबरा2 महीने पहले
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बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों की मदद के लिए ग्राम देवरा के लोगों ने अनूठी पहल की शुरुआत की है। आपसी सहमति से गांव के लोगों ने बाढ़ प्रभावित दो गांव अजीतपुरा और लडैयापुरा को गोद लेकर एक साल तक यहां रहने वाले लोगों के भरण पोषण की जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया है। जिसके चलते दोनों गांव में फिलहाल अनाज का वितरण भी कर दिया गया है। गौरतलब है कि डबरा और भितरवार अंचल के कई गांव बीते दिनों आई बाढ़ में पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो चुके हैं। लोग सड़कों पर सोने को मजबूर हैं। तो समाजसेवियों द्वारा दिए जा रहे खाने के पैकेट से अपना गुजर बसर कर रहे हैं। युवा शक्ति संगठन के सूर्यभान सिंह रावत ने बताया कि 2 दिन पहले जब हम गांव में राशन सामग्री बांटने पहुंचे तो लोगों का दुख देखकर लगा कि हमें इनके बारे में कुछ सोचना चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए।

इसके बाद अपने गांव देवरा में बड़े बुजुर्गों को बताया तो सभी ने मिलकर निर्णय लिया कि दो गांव की संपूर्ण जिम्मेदारी उठानी चाहिए और तय किया गया कि अजीतपुरा और लड़ाईयापुरा गांव के भरण पोषण की जिम्मेदारी उनका गांव देवरा उठाएगा और पूरे 1 साल तक लोगों को खाने पीने और कपड़े की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।

इस कड़ी में सबसे पहले गांव के प्रत्येक घर से 50-50 किलो गेहूं इकट्ठा किया और उसे ट्रॉलियों में भरकर इन दोनों गांव में पहुंचाया गया। युवाओं का कहना है कि अब हम आसपास के अन्य गांव में जाकर लोगों से बात करेंगे और उन्हें अन्य गांवों को गोद लेने के लिए प्रेरित करेंगे ताकि जिन लोगों का सबकुछ इस बाढ़ ने छीन लिया उनको कुछ राहत दिला सकें।

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