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सुरक्षा के लिए कठोर कानून बने:चिकित्साकर्मियों की सुरक्षा के लिए बनाया जाए कानून: कुरेले

डबराएक महीने पहले
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डॉ. विभा कुरेले। - Dainik Bhaskar
डॉ. विभा कुरेले।

कोरोना महामारी में डॉक्टरों ने खुद की जान जोखिम में डालकर दिन रात मरीजों की सेवा की। एक हजार से चिकित्सकों ने अपनी जान भी गंवाई। इसके बाद भी उन्हे हिंसा और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। जो देश में सख्त कानून न होने की वजह से हो रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार को चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाया जाना चाहिए।

यह बात आईएमए की अध्यक्ष डॉ. विभा कुरेले ने कही। देशभर में चिकित्सकों पर हो रही हिंसा के विरोध में शुक्रवार को डॉक्टरों ने विरोध दिवस मनाया। इसके चलते स्थानीय आईएमए की इकाई के डॉक्टरों ने भी सुबह दो घंटे ओपीडी को बंद कर हाथों में काली पट्टी बांध कर विरोध जताया।

विरोध के चलते आईएमए के डॉक्टरों ने काली पट्टी बांध इलाज किया। डॉ. सुशील सचदेवा का कहना है कि चिकित्सकों के खिलाफ हिंसा करने वाले दोषियों के लिए सजा का प्रावधान होना चाहिए। साथ ही हिंसा और तोड़फोड के कारण हुए नुकसान की वसूली का सख्त प्रावधान हो एवं भयमुक्त माहौल में उपचार के लिए अस्पतालों में सुरक्षा के मापदंड तय किए जाएं। जिससे कि इस प्रकार की घटनाओं में कमी आए। डॉक्टरों ने एलौपैथी चिकित्सों पर टिप्पणी करने पर बाबा रामदेव के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग रखी। विरोध करने वालों में आईएमए के सचिव डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. हेमंत मोदी, डॉ. रमा मोदी, डॉ. अनंत केतकर, डॉ. डीएस ठाकुर सहित अन्य डॉक्टर शामिल हैं।

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