पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

पर्व:महज 15 स्थानों पर छोटे पांडालों में विराजेंगी मां दुर्गा, 3 दिन शेष

डबरा8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • कोरोना महामारी के चलते सीमित दायरे में ही मनाए जा रहे त्योहार, नवदुर्गा, दशहरा और अग्रसेन जयंती पर भी असर
  • 35 सालों बाद अग्रसेन जयंती पर भी नहीं निकाला जाएगा शहर में चल समारोह

17 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि प्रारंभ हो रहे हैं। नवदुर्गा को शुरू होने में अब महज तीन दिन शेष बचे हैं। लेकिन शहर में हर वर्ष की तरह नवदुर्गा उत्सव को लेकर धूम दिखाई नहीं दे रही है।

अन्य त्यौहारों की तरह नवरात्रि का त्यौहार भी कोरोना संक्रमण और उपचुनाव की वजह से सादगी पूर्वक मनाया जाएगा। यही कारण है कि गाइड लाइन घोषित होने के बाद भी शहर में भव्य और ज्यादा संख्या में नवदुर्गा पांडाल नहीं सजाए जा रहे हैं।

विनायक चतुर्थी 20 को
शहर में महज छोटे पांडालों में 15 जगहों पर नवदुर्गा विराजित की जाएंगी। नवदुर्गा के साथ ही इस माह अन्य त्यौहार भी पड़ रहे हैं, जो कि इस बार सादगीपूर्ण मनाए जाएंगे। 17 तारीख को अश्विन मास के नवरात्रि शुरू हो रही हैं। इस दिन घट स्थापना होगी। शनिवार को ही तुला संक्राति भी है। सूर्य कन्या राशि से तुला राशि में देवी दुर्गा के साथ ही सूर्य के लिए विशेष पूजन करें। 20 अक्टूबर को अंगारक विनायक चतुर्थी भी है। इस दिन भगवान गणेश के लिए व्रत करें।

नवमीं व दशहरा एकसाथ
24 तारीख को दुर्गा अष्टमी है। इसे महाष्टमी भी कहते हैं। इस दिन दुर्गा देवी की पूजा करें व व्रत रखें। 25 अक्टूबर को दुर्गा नवमी है। इस दिन छोटी कन्याओं को भोजन कराने की परंपरा है। कन्याओं को धन और शिक्ष्ज्ञा संबंधि चीजों का दान करें। दशहरा भी इसी दिन है। श्रीराम के साथ ही शमी के पेड़ का पूजन भी करें। वहीं अग्रवाल समाज के सतीश बंसल का कहना है कि कोरोना के कारण करीब 35 साल बाद चल समारोह नहीं निकल रहा है।

खबरें और भी हैं...