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अव्यवस्था:डाक बोली को लेकर भिड़े व्यापारी, 3 किमी लंबा लगा जाम

इंदरगढ़8 महीने पहले
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  • पूरे दिन से तुलाई के इंतजार में बैठे आधे से ज्यादा किसान फसल बेचने डबरा मंडी गए

इंदरगढ़ गल्ला मंडी में व्यापारियों की मनमानी कम होने के बजाए और बढ़ती जा रही है। धान की आवक बढ़ते ही व्यापारियों ने किसानों को ठगना शुरू कर दिया है। मंगलवार को किसानों की फसल खरीद रहे व्यापारी डाक बोली के दौरान आपस में झगड़ गए और बोली बंद करके चले गए। इसके बाद डाक बोली नहीं हुई। हजारों किसान सुबह 7 बजे से शाम चार बजे तक फसल बिकने के इंतजार में खड़े रहे और जब फसल नहीं बिकी तो डबरा मंडी चले गए।

आक्रोशित किसान बोले- हमाई कोऊ नहीं सुन रओ, जहर खाके मर जाएं का। सबेरे से बैठे इते, अन्न को दानो नई खाओ। वहीं जो शेष किसान बचे, व्यापारियों ने सस्ते दामों पर बिना बोली के सीधे खरीदना शुरू कर दिया। डाक बोली बंद होने से ग्वालियर रोड पर तीन किमी से ज्यादा लंबा वाहनों का जाम लगा गया जिससे देर रात तक हजारों वाहन फंसे रहे।

जिला प्रशासन इन दिनों भांडेर उप चुनाव में व्यस्त है और किसान मंडियों में व्यापारियों के हाथों डगा जा रहा है। व्यापारी इन दिनों किसानों की मजबूरी का जमकर फायदा उठा रहे हैं। एक तरफ धान की बंपर पैदावार और दूसरी तरफ मंडी में व्यापारियों पर अंकुश खत्म हो गया। मंडियां प्रशासक के अधीन हैं। लेकिन प्रशासक चुनाव की बैठकों में व्यस्त हैं इसी का फायदा व्यापारी उठा रहे हैं।

9 अक्टूबर इंदरगढ़ मंडी में व्यापारियों ने 1500 रुपए क्विंटल वाली धान 900 रुपए क्विंटल में खरीदी तो किसानों ने ग्वालियर रोड पर जाम लगा दिया था तब तहसीलदार सुनील वर्मा ने मामला शांत कराते हुए डाक बोली शुरू कराकर बाजिव दामों पर धान बिकवाना शुरू किया था। पांचवे दिन मंगलवार को दोपहर तीन बजे पुन: डाक बोली लगा रहे व्यापारियों में झगड़ा हो गया और व्यापारी वहां से चले गए। जिससे हजारों ट्रैक्टर ट्रॉली धान की फसल से भरे वहीं खड़े रह गए और ग्वालियर रोड पर भी जाम लग गया। कुछ किसान डबरा मंडी भी चले गए।

पचोखरा निवासी कृषक हरनारायण जाटव ने कहा कि हम सुबह 7 बजे एक ट्रॉली धान लेकर आए थे और पूरे दिन मंडी में खड़े रहे लेकिन धान नहीं बिकी। अब व्यापारी बिना बोली के सीधे 1000 और 1100 रुपए में धान खरीद रहे हैं। यही नहीं किसी किसान की धान खरीद रहे हैं तो किसी की धान देखते ही रिजेक्ट बता रहे हैं। जिससे किसान काफी आक्रोशित भी हैं।

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