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अनदेखी:दो महीने से नगर पालिका को नहीं मिला शासन से अनुदान, ग्रांट के लिए अब दिखाना होगा काम

डबरा8 महीने पहले
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चांदपुर में सीएम ने स्टेडियम के लिए भूमिपूजन किया था, काम शुरू नहीं हुआ। - Dainik Bhaskar
चांदपुर में सीएम ने स्टेडियम के लिए भूमिपूजन किया था, काम शुरू नहीं हुआ।
  • शासन ने रोकी 15वे वित्त आयोग और निर्यात कर की ग्रांट, प्रभावित होने लगे निर्माण एवं अन्य काम

नगर पालिका में विकास कार्य, वेतन भुगतान और अन्य कामों के लिए शासन से मिलने वाली ग्रांट के लिए अब काम दिखाना होगा। नए नियमों के तहत जितना काम और राजस्व वसूली होगी उसकी के आधार पर वित्त आयोग से ग्रांट मिलेगी। फिलहाल शासन ने पिछले दो माह से निकाय को मिलने वाली ग्रांट रोक दी है, जिससे अब नगर पालिका को निर्माण कार्य वेतन भुगतान और अन्य कामों में परेशानियां आएंगी।

दरअसल नए नियमों के तहत शासन से नगरीय निकायों को मिलने वाली ग्रांट अब शर्तों के साथ ही मिलेगी। 15 वें वित्त आयोग ने इसके लिए प्रावधान कड़े कर दिए हैं। इसमें कर सुधार, प्रदूषण नियंत्रण, यूजर्स चार्जेस के आधार पर यह निर्धारित होगी। साथ ही नगरीय निकाय को सर्विस बैंचमार्क की रिपोर्ट भी संचालनालय को भेजनी होगी। पिछले वर्ष की रिपोर्ट नहीं भेजने पर दूसरी किश्त अटक सकती है। अब तक वित्त आयोग से मिलने वाले ग्रांट (अनुदान) में इतने कड़े प्रावधान नहीं थे। फिलहाल सड़क, नाली निर्माण और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए मिलने वाली 15 वित्त आयोग की ग्रांट और निर्यात कर के रूप में मिलने वाली ग्रांट को करीब दो महीने से नहीं दी गई है। करीब 2 करोड़ रुपए की ग्रांट रुकी है। निकाय को महज इस बार चुंगी क्षति पूर्ति के रूप में मिलने वाली ग्रांट ही मिली है जिससे वेतन भुगतान और अन्य छोटे काम ही किए जा रहे हैं।

शर्तों को पूरा करना होगा
यदि अब निकायों ने शर्तों को पूरा नहीं किया तो उन्हें इसकी किश्त के दूसरे हिस्से से हाथ धोना पड़ेगा। इसमें संपत्तिकर को कलेक्टर गाइडलाइन से जोड़ने की बात भी कही है। यूजर्स चार्जेज इस तरह रखना है कि जो सेवा दी जा रही उसके ऑपरेशन और मेंटेनेंस का खर्चा उसी से निकल सके। इन दोनों शर्तों के लिए नगरीय प्रशासन ने पिछले दिनों अधिनियम में संशोधन भी किए हैं। प्रापर्टी टैक्स को कलेक्टर गाइड लाइन से जोड़ दिया गया है। अगले वित्तीय वर्ष में उसी के अनुसार गणना होगी । इसी तरह यूजर्स चार्जेज के लिए भी नियम बना दिए गए हैं।

ठेकेदारों ने रोके कई काम
दो महीने से निकाय की 15 वें वित्तीय आयोग, यात्री कर निर्यात कर की ग्रांट नहीं मिली है। जिसकी वजह से निर्माण कार्य प्रभावित होने लगे हैं। पहले के भुगतान न होने के कारण ठेकेदारों ने नए कामों को शुरु नहीं किया है वहीं पुराने कामों को भी अधूरा छोड़ रखा है। अभी वर्तमान में मुख्यमंत्री द्वारा भूमि पूजन किए गए स्टेडियम के कार्य को ठेकेदार ने शुरु नहीं किया है। इसके साथ ही वार्ड मेंें 5 में सीसी रोड, वार्ड क्रमांक 9 में सीसी रोड, पार्क सहित करोड़ों के काम रुके हुए हैं। ठेकेदार नीरज गुप्ता का कहना है कि यह काम भुगतान न होने के कारण रू के हुए हैं।

1 हजार लोगों को नोटिस देंगे
नए नियम आते ही और ग्रांट रुकते ही नगर पालिका अधिकारियों द्वारा अब राजस्व वसूली पर जोर देने की बात कही जा रही है। राजस्व वसूली के लिए फिलहाल प्रथम चरण में 1 हजार बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर उनके सात दिन में जमा करने के नोटिस बनाए गए हैं। इन बकायादारों पर 2 करोड़ 75 लाख का बकाया है। इसके बाद दूसरे चरण में छोटे बकायादारों की सूची बनाई जाएगी। इन नोटिसों को गुरुवार से ही वितरित करने की बात कही जा रही है। नोटिसों को वितरण करने का काम भी शुरू कर दिया गया है।

ग्रांट रुकने से आ रही परेशानी
पिछले दो माह से 15 वें वित्त आयोग, यात्री कर और निर्यात कर की ग्रांट नहीं मिली है। महज चुंगी क्षति पूर्ति की राशि आई है, जिससे वेतन भुगतान कर दिए गए हैं। अब ग्रांट रुकती है तो वेतन भुगतान तक में परेशानी आएगी। - रामू गुप्ता, अकाउंटेंट, नगर पालिका परिषद,डबरा

वसूली के प्रयास किए शुरू
राजस्व वसूली की स्थिति ठीक नहीं हैं। हम राजस्व वसूली के लिए प्रयास कर रहे हैं। - प्रदीप कुमार भदौरिया, सीएमओ, नगर पालिका परिषद,डबरा

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